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    Wednesday, March 1, 2017

    सीओ साहब को देनें पडेगे 7500 रूपए.... तब मिलेगा इंदिरा आवास



    सरकार चाहे केंद्र की हो या किसी राज्य की, गरीब, मजदूर और किसानों की तरक्की के राग अलापती नजर आती हैं. सरकारें भले ही गांव और किसानों के विकास के लाख दावे करें, मगर हकीकत उन दावों से कोसों दूर रहती है. इसका एक उदाहरण झाबुआ के ग्राम डुंगराधन्ना का है जहां सरपंच और सचिव द्वारा ग्रामिणों से इंदिरा आवास देने के नाम पर ठगी की गई।
    प्रशासन चाहे लाख ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित करने का डंका बजाये लेकिन धरातल पर कुछ ओर ही नजर आता है। अशिक्षा की वजह से आज भी ग्रामीण इन योजनाओं लाभ प्राप्त करने के नाम पर ठगी का शिकार होता नजर आ रहा है। ऐसे में जब ग्रामीण ठगी की शिकायत प्रशासनिक अमलें को करते है.... तो उन्हे सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
     शासन की महती योजनाओं का लाभ कौन नही लेना चाहता है, इन्ही योजनाओं में एक योजना है इंदिरा आवास योजना जिसका लाभ कौन गरीब आदिवासी लेना नही चाहेगा। योजना का लाभ  ग्राम डुंगरा धन्ना के थावरी पति टिहिया निनामा, पिदु पति कल्ला परमार, रमेश पिता रूमाल सिंगाडिया, बुधी पति रामू सिंगाडिया, हजली पति गल्ला भूरिया ने भी अपनी पात्रतानुसार लेना चाहा। उक्त 5 प्रार्थियों में 4  विधवा महिलाएं एवं एक  विकलांग युवक था। जिसके चलते पात्रतानुसार इनके द्वारा अगस्त 2015 में इंदिरा आवास के लिए आवेदन किया गया।
     महज कुछ दिनों बाद ही सरपंच सचिव द्वारा इन पांचों को अपनी ठगी का शिकार बनाते हुए। दोनों ने योजनाबद्ध तरिके से उन्हे सचिव के घर बुलाकर कहा कि तुम्हारे मकान स्वीकृत नही हुए है और तुम्हे आवास का लाभ नही मिलेगा। ऐसे में सीओ (सीईओ) साहब ही कुछ कर सकते है और उनके सहयोग से ही तुम्हे योजना का लाभ मिल पाएगा। उन्हे राजी करने के लिए कुछ तो देना होगा,  इस बात को सुन प्रार्थी भी सरपंच सचिव के झांसे में आ गए और सरपंच सचिव के कहते अनुसार सीओ (सीईओ) साहब के नाम पर 7500 रूपए देने को तैयार हो गए और प्रत्येक ने सीओ साहब को राजी करने के लिए उक्त रकम दे डाली।
    लेकिन ढेड वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को आज दिनांक तक इंदिरा आवास का लाभ प्राप्त नही हुआ और न ही सीईओ साहब को राजी करने के लिए दी गई राशि। इस ढेड वर्ष में सरपंच सचिव से आश्वासन और धुत्कार के अलावा कुछ नही मिला। ऐसे में उन्होने जिला प्रशासन की ओर सुध लेते हुए  मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर आशीष सक्सेना को इस संबंध में शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया और पुरी जानकारी से अवगत करवाते हुए। उन्हे पात्रतानुसार इंदिरा आवास उपलब्ध करवाने एवं सरपंच सचिव के खिलाफ कडी से कडी कार्रवाई करने के साथ उनके द्वारा जो ठगी की गई वह राशि भी प्रदान की जाए आदि के लिए शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया। अब देखना यह है कि इन गरीब प्रार्थियों को जनसुनवाई में न्याय मिलता है या नहीं ........ या फिर न्याय के लिए उन्हें इस ही तरह इस  न्याय मंदिर के चक्कर लगाने पड़ेगे

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