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    Thursday, April 13, 2017

    नरवाई में आग लगाई तो प्रकरण होगा दर्ज

     जिले के किसान भाइ्र्रयों को कृषि विभाग की ओर से सलाह दी जा रही है। कि गेंहू फसल की कटाई के बाद शेष बची फसल अवषेष (नरवाई) को कतई ना जलावें। गेहूं की फसल काटने के पश्चात तने के जो अवषेष बचे रहते हैं उन्हें नरवाई कहते है। यह देखा गया है कि किसान भाई फसल काटने के पष्चात इस नरवाई में आग लगाकर नष्ट करते है। 
    नरवाई जलाने के नुकसान
    नरवाईे जलाने से आस पास के वातावरण का ताप बढने लगता है जो कि ग्लोवलवार्मिग के लिए उतरदायी है। भूमि की उर्वरता शक्ति एवं जैव अंष नष्ट हो रहा है। नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होकर भूमि धीरे धीरे बंजर हो रही है। साथ ही पषुओं को प्राप्त होने वाला भूसा भी नष्ट हो जाता है तथा कृषकों को कम्पोस्ट भी नही प्राप्त हो पाता है। इन फसल अवषेषों को जलाने से मिट्टी में उत्पन्न होने वाले कार्बनिक पदार्थ में भी कमी आती है। भूमि में उपलब्ध जैव विविधता समाप्त होती है। भूमि में उपस्थित सूक्ष्मजीव जलकर नष्ट हो जाते है। सूक्ष्मजीवों के नष्ट होने के फलस्वरूप जैविक खाद का निर्माण बंद हो जाता है। भूमि की ऊपरी पर्त में ही पौधों के लिए आवष्यक पोषक तत्व उपलब्ध रहते है। आग लगाने के कारण ये पोषक तत्व जलकर नष्ट हो जाते हंै। भूमि कठोर हो जाती है जिसके कारण भूमि की जल धारण क्षमता कम हो जाती है और फसलें जल्दी सूखती हंै। खेत की मेडों पर लगे पेड पौधे, फल वृक्ष आदि जलकर नष्ट हो जाते है। केंुचुए नष्ट हो जाते हैं इस कारण  भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। नरवाई जलाने से जन-धन की हानि हो सकती है।
    किसान भाई नुकसान से बचने के लिए नरवाई में आग न लगायें। नरवाई नष्ट करने हेतु रोटावेटर चलाकर नरवाई को बारीक कर मिट्टी में मिलायें, जिससे जैविक खाद तैयार होता है। नरवाई से भूसा तैयार कर पशुओं के आहार के रूप में उपयोग करें। 
    जिन क्षेत्रों में कंबाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई की जाती है वहा हार्वेस्ट के साथ स्ट्रारीपर एवं रीपर कम बाईडर के उपयोग करने की सलाह है। जिससे फसल को काफी नीचे से काटा जा सकता है एवं नरवाई जलाने की आवष्यकता नहीं होती है। खेतो की गहरी जुताई, हैप्पी सीडर तथा जीरोटिलेस सीडड्रिल से बुवाई को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन यंत्रो के उपयोग से फसल अवषेषों को भूमि में ही मिलाया जा सकेगा। जिससे भूमि उर्वरा शक्ति में बढोत्तरी होती है तथा उत्पादन भी बेहतर प्राप्त होता है।
    नरवाई जलाने पर दण्ड का भी प्रावधान है
    खेतों में नरवाई जलाने का कृत्य जिला कलेक्टर द्वारा धारा 144 के तहत प्रतिबंधित हैं। नरवाई में आग लगाने पर पुलिस द्वारा प्रकरण भी कायम किया जा सकता है।

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