• Breaking News

    Sunday, April 16, 2017

    धुमधाम से मना पास्का पर्व

    चालीस दिनों की त्याग तपस्या के बाद प्रभु येसु ख्रीस्त के पुनरूत्थान के लिए जो की पास्का कहलाता हैं उस रात्री जागरण काल में बिशप डाॅ बसील भूरिया एसवीडी के साथ पुरोहितों, धर्मबहनों और लोक धर्मियों ने कैथोलिक चर्च झाबुआ में भाग लिया। बिशप भूरिया ने धर्म विधी की शुरूआत करते हुए नई आग को आशीष दी। पास्का मोमबत्ती पर अल्फा, ओमेगा अंकित करते हुए। प्रार्थना पढी जिसका अर्थ है आदि और अंत को अंकित किया।

    फादर इम्बानाथन की अगुवाई में में ख्रीस्त की ज्योति के उदघोष के साथ जुलुस वेदी तक ले जाया गया। जहां से उन्होने ज्योति गुणगान कर लोगों को उस रात की याद दिलाई जिसमें प्रभु के विश्वासियों ने लालसागर पार करते हुए ईश्वर की महती दया का अनुभव किया।
    डायोसिस पीआरओ राॅकी शाह ने बताया कि पवित्र बाईबिल के पुराने व्यवस्थान में से 7 पाठों को पढा गया। प्रत्येक पाठ के बाद बिशप बसील भूरिया ने प्रार्थना की। सातवें पाठ के बाद महीमा पुर्नजीवित प्रभु येसु ख्रीस्त की प्रतिमा का अनावरण किया गया। उसके साथ ही महीमा गान की गुंज से सारा प्रांगण गुंज उठा। चर्च की सभी घंटियां बज उठी। ये घंटियां प्रभु की मृत्यू के दुख से शांत थी जो आज उसी येसु के पुनरूत्थान के साथ खुशियां मना रही थी। महीमा गान के बाद 8 वें पाठ और सुसमाचार जो की नए व्यवस्थान से लिए गए थे उनका वाचन किया गया। तब बिशप भूरिया ने उनके प्रवचन में कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली है कि आज की इस रात यहां पर एकत्रित होकर प्रभु के पुनरूत्थान के सहभागी हुए है। उन्होने बाईबिल के आरंम्भ की घटनाओं से प्रभु के पुनरूत्थान तक की घटनाओं का संक्षिप्त में वर्णन किया और इस बात पर बल दिया कि यह घटनाएं पूर्ण रूप से मनुष्य की मुक्ति के लिए घटित हुई हैं। आज मैं और आज जब यहा उपस्थित हुए हैं तो यह सिर्फ और सिर्फ प्रेरितों के उन विश्वास के कारण है। जो विश्वास उन्होने अपने प्रभु ख्रीस्त में प्रकट किया। प्रभु में उसी विश्वास के कारण उन शिष्यों ने भी अपने गुरू के समान अपने प्राणों की अहुती दे दी। आज उसी विश्वास के कारण हम और आप यहां उपस्थित है।

    धर्म विधी का अगला भाग
    धर्म विधी के अगले भाग में प्रवेश करते हुए संतों की विशेष स्तुति विनती गाई गई। यह संतों की स्तुति विनती कलीसियां कुछ ही विशेष धर्म विधियों में गाई जाती हैं। पास्का रात्रि को और धर्माध्यक्ष अभिषेक एवं पुरोहिताई अभिषेक जैसे उपल्क्षों पर।
    बप्तिस्मा की प्रतिज्ञाओं को देहराया
    बिशप ने संपूर्ण कलीसिया को बप्तिस्मा की प्रतिज्ञाओं को दोहराने का आव्हान किया। लोगों ने पूनः अपनी मोमबत्तीयों को पास्का मोम्बत्ती से जलाया और कलीसिया में अपने विश्वास को प्रकट करते हुए बप्तिस्मा की प्रतिज्ञाओं को दोहराया।
    जल की आशीष
    जल को जो की जीवन का स्त्रोत है उसे पवित्र धर्म विधी के द्वारा पास्का मोमबत्ती की अग्नि से पवित्र किया गया। यह जल मिस्सा पूजन के बाद सभी लोगों के द्वारा घर लेजाया गया। अब यह साल भर किसी भी चीज को पवित्र करने के लिए उपयोग में लिया जायेगा।

    समाजजनों ने परमप्रसाद ग्रहण किया, जिसका वितरण फादर पीटर खराडी, पीटर कटारा, मनोज कुजुर, फादर निरंजन खलखो, फादर सीरील फादर ख्रीस्टी, फादर राॅकी ने किया। ंअंत में फादर पीटर खराडी ने आभार माना और बिशप बसील भूरिया ने सभी को पास्का पर्व की शुभकामनाएं दी। फादर निरंजन, सिस्टर मरीना, सिस्टर क्लारा, सिस्टर रेशमा, श्रीमती फिलोमिना भूरिया, प्रेषितालय के ब्रदर्स, नानसिंह मेडा, सिमोन मेडा और बुटींग कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा। उक्त जानकारी समाज के निकलेश डामोर ने दी।

    No comments:

    Post a Comment

    @Editor

    अपने शहर की खबरें , फोटो , वीडियो आदि भेजने के लिए हमें सीधे ईमेल करे :- Editor@VoiceofJhabua.com 

    RECENT NEWS

    PHOTO GALLERY