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    Monday, April 17, 2017

    सरपंच एवं पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल चौथे दिन भी जारी


































    म.प्र. सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान हान एवं सरकार के मंत्रीयों के आश्वासन पर सरपंच एवं सचिव संगठन ने विश्वास कर दो बार बड़े आन्दोलन स्थगित किये । सरपंच, सचिवों के साथ विश्वासघात किया गया है । पंचायत सचिवों को छटवे वेतनमान, सहायक अध्यापक के समान वेतनमान देने की मार्च 2013 की घोषणा क्रमांक-3142 आज तक व अनुकम्पा नियुक्ति की माॅंग व सरपंच की माॅंगें नजर अंदाज की जा रही है । अब किसी पर विश्वास नहीं किया जावेगा । अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार चैथे दिन भी जारी रही ।
    उक्त आशय की जानकारी देते हुऐ पंचायत सचिव संगठन जिला झाबुआ के जिलाध्यक्ष रामसिंह बिलवाल एवं सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष काना गुण्डिया ने संयुक्त प्रेस  विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 19 अपै्रल 2017 को स्थान जनपद पंचायत ब्लाॅक काॅलोनी परिसर झाबुआ  पर सरपंच सचिव संयुक्त मोर्चे का धरना होगा । धरने के पश्चात जिला स्तरीय महारैली राजगढ़ नाका झाबुआ होते हुऐ कलेक्टर कार्यालय झाबुआ पर पहुॅंचकर निम्नानुसार प्रमुख माॅंगों का ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री म.प्र. शासन भोपाल के नाम कलेक्टर महोदय जिला झाबुआ को सौंपेंगें:- 
    सरपंच संघ की प्रमुख माॅंगें निम्नानुसार है:-
    1- पंचायतों में आकस्मिक व्यय मद स्वीकृत किया जावें क्यांेकि पेयजल, बिजली बिल, नलजल चालक, पंचायत साफ सफाई, स्टेशनरी, सज्जा के लिए कोई फण्ड नहीं है छोटी पंचायत को 04 लाख तथा बड़ी पंचायत को 08 लाख रूपऐ प्रति वर्ष दिया जावें । 
    2- सरपंचों का मानदेय 5000 किया जावें एवं उपसरपंचों को 200 रूपये मासिक भत्ता दिाया जावें ।
    3- सरपंचों को बीपीएल एवं एपीएल राशन कार्ड बनाने का अधिकार दिया जावें एवं एपीएल पर केरोसिन की पात्रता दी जावें ।
    4- पंचायत विभाग को राजस्व विभाग से पूर्णतः मुक्त किया जावें । पंचायतों की विहीत अधिकारी जिला पंचायत सीईओ को बनाया जावें एवं जाॅंच दल में सरपंच संघ के सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य हो क्यांेकि सरपंचों को धारा 40 में  अनावश्यक प्रताड़ित कर आर्थिक शोषण नहीं किया जा सकें । राजस्व विभाग के पंचायतों में हस्तक्षेप से पंचायत के कार्य प्रभावित होते हैं । 
    5- पंचायतों की सी.एस.आर. दर आर.ई.एस. के समान किया जावें क्योंकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता उच्च एवं एक समान चाहते हैं, तो सी.एस.आर., आई.ई.एस. के समान एवं पी.डब्ल्यु.डी. के मान से सी.एस.आर. रेट तय किया जावें । 
    6- पंचायतों में सिर्फ विभागीय आॅडिट का प्रमुख प्रावधान किया जावें । वर्तमान में पाॅंच से छः प्रकार के आॅडिट दल अलग-अलग योजनाओं का आॅडिट करते हैं एवं सरपंचों का आर्थिक शोषण करते हैं । 
    7- पंचों को 500 रू. प्रति बैठक भत्ता दिया जाए अभी तक मध्यप्रदेश शासन ने 200 की घोषणा की थी वह मध्यप्रदेश की एक भी पंचायत को नहीं मिला ।
    8- 1993 के तहत पंचायती राज लागू किया जावें जिससे ग्रामीण जनता को महात्मा गाॅंधी जी का सपना था वह पूरा हो सके एवं हर गरीब आदमी तक सरकार की योजना का लाभ पहॅंूचा सके । 
    9- पंचायत दर्पण पोर्टल पर प्रति ग्राम पंचायत प्रति सप्ताह निर्माण कार्य हेतु 25000/- रू. आहरण करने के निर्देश जारी किये गये इसको निरस्त किया जाये । 

    पंचायत सचिवों की निम्नानुसार प्रमुख माॅंगें:-

    1- सहायक अध्यापको के समान पंचायत सचिवों को वेतन देने की मुख्यमंत्री जी की घोषणा 24 मार्च 2013 एम.वी.एम. ग्राउण्ड भोपाल में घोषणा क्रमांक 3142 की गई थी आज दिनांक तक पूरी नहीं हुई है । वहीं हमारे जिला पंचायत संवर्ग के कर्मचारी एवं अध्यापकों को छटवां वेतनमान दिया जाकर पंचायत सचिव को वंचित किया गया है । जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत का भृत्य भी छटवां वेतनमान प्राप्त कर रहा है । सचिवों को सहायक अध्यापक के समान ही वेतन दिया जावें । 
    2- घोषणा कमांक 3143 एवं 3144  100 प्रतिशत अधूरी है । अंशदायी पेंशन के आदेश जारी होने के 03 वर्ष बाद भी घोषणा का पालन नहीं किया गया है । दोनों घोषणाओं का पालन किया जाकर कार्यवाही की जावें । 
    3- पंचायत सचिव एवं अध्यापक संवर्ग 1, 2, 3 जिला संवर्ग के कर्मचारी है जब जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं अध्यपक संवर्ग 1, 2, 3 को छटवा वेतन दिया गया है तो इस संवर्ग में मात्र पंचायत सचिवों को छटवाॅं वेतनमान से वंचित कर सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है  । सचिवों को अध्यापक संवर्ग में दिये गये छटवाॅं वेतनमान की दिनांक से ही छटवाॅं वेतनमान दिया जावें । 
    4- सांतवा वेतनमान मध्यप्रदेश के समस्त कर्मचारियों को दिया गया है । कर्मचारी में बड़े और छोटे का भेदभाव, न करते हुऐ मध्यप्रदेश के समस्त कर्मचारियों के साथ पंचायत सचिवों को समान वेतन का लाभ दिाया जावें । 
    5- अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान पंचायत विभाग के समस्त संवर्गों में एवं पड़ौसी राज्य छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया गया है । पंचायत सचिवों को अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ पिछले 05 वर्षों से मृतक हुए पंचायत सचिव के परिजनों को लाभ दिये जाने के आदेश जारी किये जाए । 
    6- पंचायत सचिव के सेवा भर्ती में पी.सी.ओ. पद पर पदौन्नति, क्रमोन्नति की जाए ।
    7- चिकित्सा अवकाश एवं मातृत्व-पितृत्व का अवकाश का प्रावधान किया जावें । 

    उक्त जिला स्तरीय धरना एवं महारैली को सफल बनाने के लिये पंचायत सचिव संगठन के महासचिव महैश चैहान, रमेश महोदिया, रामचन्द्र मालीवाड़, मंगलसिंह डामोर, शान्तिलाल कतिजा, राजेन्द्र पाटीदार, भावजी डामोर, तोलंिसह निनामा, भारतसिंह राठौर, नरवरसिंह भाबौर, प्रकाश सोलंकी, दुलेसिंह सिंगाड़, प्रदीप गोस्वामी एवं सरपंच संघ के मुन्नालाल निनामा, जोगड़ा बबेरिया, जवला भाई परमार, दिनेश अमलियार, रमेशचन्द्र बारिया, रतनसिंह वाखला आदि ने अपील की है । 

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