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    Monday, May 15, 2017

    18 वर्ष से पहले न विवाह करे... ना होने दे.. कलेक्टर


    सोमवार को पुलिस लाईन के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय किशोरी बालिका संसद में बालिकाओं को संबोधित करते हुए कलेक्टर  आशीष सक्सेना ने कहा कि आप सभी जिला स्तरीय बालिका संसद में आई सभी बालिकाएॅ अपने अपने गाॅव की नेतृत्व कर्ता  है। आप सभी का यह दायित्व होगा कि आप 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पहले ना तो स्वयं विवाह करेए ना ही अपने आसपास की किसी बालिका का बाल विवाह होने दे। कम से कम 12 वी कक्षा तक की पढाई अवश्य करे एवं अपने आसपास की बालिकाओं को भी पढाई पूर्ण करने के लिए प्रेरित करेए बाल विवाह से होने वाले नुकसान उन्हे बताये। यदि आपको पढाई करने में कोई समस्या आ रही हो तो हमें बताये हम समस्या का समाधान करेगे जिन बालिकाओं को पढाई जारी रखने में कोई समस्या आ रही है वे छात्रावास में रहकर अपनी पढाई जारी रखे।
    किशोरी संसद को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक महेशचन्द्र जैन ने कहा कि आप सभी बालिकाएं यह संकल्प ले कि 18 वर्ष की आयु  पूर्ण होने से पहले आप विवाह नहीं करेगी। 18 वर्ष आयु पूर्ण होने के पहले विवाह करने वाली बालिकाओं की स्थिति आपने अपने आसपास देखी होगी। आप उस बुरी स्थिति से नहीं गुजरे इसलिए पहले अपने पढाई पूरी करे उसके बाद ही विवाह करे। पुलिस अधीक्षक ने बालिकाओं को संकल्प भी दिलाया।
    सहायक आुयक्त आदिवासी विकास श्रीमती शकुन्तला डामोर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना महिलाओं के जीवन में अंधेरा ही अंधेरा है। मैं चाहती हूॅ आपमें से हर बालिका पढ लिखकर अधिकारी बने और झाबुआ जैसे शिक्षा के क्षेत्र में पिछडे माने जाने वाले जिले का नाम रोशन करे। किशोरी संसद को समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रूपरेखा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास आर एस जमरा ने बताईए किशोरी बालिकाओ से जिला महिला शसक्तिकरण अधिकारी श्री बघेल ने संकल्प पत्र भरवाये कि वह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पूर्व विवाह नहीं करेगी एवं अपने आसपास भी 18 वर्ष से पूर्व किसी बालिका का विवाह नहीं होने देगे। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि बाल विवाह से स्वास्थ्य को ज्यादा नुकसान होता हैए कम उम्र में लडकी के माॅ बनने से उसका बच्चा भी कमजोर जन्म लेता है। माॅ और बच्चे दोनो का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। बाल विवाह स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है  यह एक कानून अपराध भी है। बाल विवाह करने वाले एवं बाल विवाह में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों माता.पिता संरक्षक रिश्तेदार पंण्डित मौलवी पादरी मैरिज ब्यूरों दुल्हा यदि उसकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो और लडकी नाबालिक हो केटरर्स प्रिंटिंग प्रेस घोडे बेण्ड बाजा एवं अन्य सेवा प्रदाता को 1 लाख रूपये का जुर्माना और 2 साल तक की जेल हो सकती है। आप सभी अपने क्षैत्र में बाल विवाह को रोके एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसानों से बचे। किशोरी संसद में उपस्थित शौर्या दल के सदस्यों को परिचय पत्र भी प्रदान किये गये।


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