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    Tuesday, June 20, 2017

    आदिवासी गीतों के चितेरे शशांक तिवारी एवं पीपी बारिया लेगें स्थानीय कलाकारों का आडिशन , संगीत के क्षेत्र मे आगे बढने का मिलेगा मौका


    झाबुआ ।  प्रतिभायें किसी देश काल या क्षेत्र विशेष की मोहताज नही होती है  । आज इस आदिवासी अंचल में भी गीत संगीत के क्षेत्र में ऐसी प्रतिभायें उभरकर सामने आ रही है जिन्होने  विषम परिस्थितियों में भी अपने आप को एकला चालो रे की तर्ज पर न केवल स्थापित किया है अपितु वे आज देश के संगीत जगत में भी अपना लोहा मनवाने में पीछे नही दिखाई दे रही है । ऐसें ही व्यक्तित्व में कुंदनपुर क्षेत्र के शंशांक तिवारी का नाम  भी शामील है जिन्होने छोटे से गा्रम कुंदनपुर से अपनी संगीत यात्रा की धमाकेदार  शुरूवात की है । आदिवासी अंचल की बोली, संस्कृति एवं परिवेश को समाहित करके उनके द्वारा अभी तक 52 से अधिक गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी है वही इसी अंचल के बाबा देव पर आधारित उनकी विडियों-एलबम ने भी काफी धुम मचा रखी है । ऐसे गुदडी के लाल शशांक तिवारी अब एक कदम आगे बढते हुए अपने गाये हुए तथा तेयार किये गये गीतों को लेकर जिले की युवा प्रतिभाओं को मंच देने तथा उन्हे इस आडियो-विडियों के युग में प्रवेश कराने के लिये आगामी 25 जून को झाबुआ के राजगढ नाका स्थित होटल अंजली में आडिशन टेस्ट का आयोजन कर रहे है तथा जिले की प्रतिभाओं का चयन करके उन्हे  विडियों फिल्म में अभिनय एवं गीत गाने का मौका उपलब्ध करावेगें । शंशाक तिवारी ने  जानकारी देते हुए बताया कि  इस ऑडिशन के लिये गुजरात के प्रसिद्ध गीतकार एवं संगीत के ख्यातनाम हस्ती पीपी बारिया एवं स्वयं श्री तिवारी द्वारा युवाओं का आडिशन लिया जावेगा जिसमे चयनीत होने वालों से सभी आदिवासी गीतों मे डांस  एवं अभिनय करने का मौका मिलेगा । इस आडिशन में जो गाना गाने मे माहिर है वे भी आकर अपनी कला का प्रदर्शन कर सकते है । ऐसे चयनीत गायकों को रिकार्डिंग का मौका निश्चित रूप से प्राप्त होगा ।
    श्री तिवारी ने आगे बताया कि  इस विधा मे आगे बढने तथा प्रतिभा को प्रदर्शित करने में मुख्य सहयोग प्रदेश भाजपा कार्य समिति के सदस्य शैलेष दुबे विधायक शांतिलाल बिलवाल, नगरपालिका अध्यक्ष धनसिंह बारिया, पीपी बारिया गुजराती गीतकार,श्रीमती निवेदिता सक्सेना, बबलू सकलेचा,अमजद खान, उदय बिलवाल, नरेन्द्र पंवार संदीप पाल, आशीष पाण्डे, वैभव सोडानी, इरफान आलीराजपुरी,श्री यादव पेटलावद, कुशलगढ के राम भाई आदि का प्रोत्साहन एवं सहयोग के कारण ही आज वे न सिर्फ इस अंचल मे वरन गुजरात एवं मुंबई तक मे अपना स्थान बना पाने में सफल हो रहे है । श्री तिवारी ने बताया कि इस आडिशन टेस्ट के लिये आयु की कोई सीमा निर्धारित नही है, हमारा पवित्र उद्देंश्य केवल एक ही है कि हमारे आदिवासी अंचल झाबुआ जिले की युवा प्रतिभायें जिसमें युवक एवं युवतिया, बालिकायें, सभी शामील है को उचित मौका दिया जावे ताकि वे  वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके जीवन मे अपने लक्ष्य को हांसील कर सकें और इस माटी का नाम देश भर में सुरभि की तरह फैलावे ।  ज्ञातव्य है कि शशंाक तिवारी एक ऐसे कलाकार है जिनकी भगवान श्रीराम पर बनाई गई सुपरहीट कव्वाली अभी से ही धुम मचाने लगी है वही इनके द्वारा सुन्दरकाण्ड और हनुमान चालीसा आदिवासी भाषा में लिख कर गाने जाने की तैयारी है जिससे हनुमानजी एवं भगवान श्रीराम के बारे में आदिवासी अंचल मे आस्था और अधिक प्रबल होगी ।

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