• Breaking News

    Wednesday, June 21, 2017

    पिटोल में चली गोलियों का जिम्मेदार कौन?..... रमेश पटठे आखिर क्यों कुंदनपुर में मचा रहे है हुडदंग



    झाबुआ। माफियाओं की माफियागिरी और भ्रष्ट आबकारी निती अब जिले की छवि धुमिल करने तुली है। इसी भ्रष्ट आबकारी निती के चलते पहले यहां भोलेभाले आदिवासियों को शराबी होने का तमगा हासिल था.... तो अब अवैध शराब तस्करी और बंदुक की नोक न डराने धमाने वाले का भी तमगा मिल गया है। और ये सिर्फ और सिर्फ आबकारी विभाग की भ्रष्ट निती के चलते हो रहा है। 
     और इसी भ्रष्ट निती के चलते आबकारी विभाग बहारी तत्वों को जिले में गुजरात सीमा से सटी दुकानों का लालच देकर यहां लाती तो है। लेकिन जब शराब माफियाओं के मनसुबे पुरे नही होते है तो ये माफिया अपने बहारी अपराधीक तत्वों से बंदुक की नोक पर जिले में आंतक फैलाते हैं। जिसका खामियाजा एक आम नागरिक को भुगतना पडता है। 
    रानापुर से कुन्दनपुर होते हुए आसानी से गुजरात राज्य में अवैध शराब की तस्करी की जा सकती है। ऐसे में रानापुर शराब माफिया ने अपनी गुडागर्दी दिखाने के लिए कुन्दनपुर में अपना एक कार्यालय स्थापित किया जहां अपने 10 से 12 बहारी तत्वों को हथियारों से लैस बैठा दिया जो आए दिन यहां हुडदंग फैलाते नजर आ रहे है। जो बंदुक की नोक पर आने जाने वाले वाहनों को चेक करने के साथ साथ.... अन्य शराब की दुकानों पर जाकर बंदुक की गोलियां बरसा रहे है। 
    ग्वालियर के रमेश राय ने अवैध शराब तस्करी की लालच में 16 करोड की सीमा से सटी रानापुर की शराब दुकान 20 करोड 21 लाख में ले तो ली.... शुरूआती दौर में शादी ब्याह और त्यौहारी माहौल होने की वजह से गुजरात और आस पास में शराब की अच्छी खपत हुई। जब बाद में गुजरात चुनाव को लेकर शराब की सख्ती हुई तो अवैध शराब की खपत कम हो गई। ऐसे में आस पास के क्षेत्र में रानापुर ठेकेदार ने शराब बेचना चाही लेकिन नही बेच पाए। इस बात से गुस्साएं ठेकेदार ने अपने पटठों जिनका जिले में रिकार्ड ही नही है रानापुर, कुन्दनपुर व आस पास के क्षेत्रों में भेज शराब छोटे तबके के शराब बेचने वालों पर दबाव बनाया.... फिर भी बात नही बनी तो उसे ऐसा लगा पिटोल से शराब रानापुर व आस पास में भेजी जा रही है ऐसे में ठेकेदार ने अपने पटठों को भेज पिटोल शराब दुकान पर गोलियां चलवा दी। रानापुर शराब ठेकेदार के पटठे ने दो बार पिटोल दुकान के सेल्समेन पर गोलियां दागी लेकिन वह बच गया। जब आस पास के ग्रामीणों ने इस हादसे को देखा तो आरोपी को पकड पुलिस के हवाले कर दिया। 
    आबकारी विभाग है भ्रष्ट 
    2017-18 में जब शराब दुकानों की किमत अधिक होने की वजह से दुकानों के टेंडर नही हो रहे थे। ऐसे में रानापुर एक मात्र ऐसी शराब दुकान थी जिसने 16 करोड किमत की दुकान 20 करोड 21 लाख में ली। इस एक मात्र शराब की दुकान का टेंडर होने के बाद आबकारी विभाग के आलाधिकारियों ने भी लालच में अन्य ठेकेदारों पर दबाव बना शुरू कर दिया और इसी तातम्यता में आबकारी अधिकारी आशीष तिवारी का तबादला कर...... डीओ संजीव दुबे को यहां भेजा... जिन्होने शराब ठेकेदारों पर दबाव बनाते हुए कह दिया अगर तुम लोग यहां ठेका नही लोगे तो दुसरी जगह तुम्हारा ठेका नही होने देंगे। ऐसे में शराब ठेकेदारों ने टेंडर डला शराब दुकान ली। 
    आबकारी विभाग ने सभी ठेकेदारों पर दबाव बना कर शराब दुकानें दे तो दी और गुजरात राज्य में बैखौफ अवैध शराब तस्करी करने की छुट भी। जिसके ऐवज में आबकारी विभाग को गांधी छाप की अच्छी सौगात भी मिल गई। लेकिन इस छुट की वजह से रमेश राय जैसे ठेकेदार बैखौफ हो गए और अपनी गुडागर्दी का जाल फैलाने लगे। अब इनकी गुडा गर्दी इतनी बढ गई है कि आस पास की शराब दुकान संचालकों को भी डराने धमकाने के साथ गोलिया बरसाने लगे है। 
    इस तरह की गुडागर्दी सिर्फ और सिर्फ आबकारी विभाग की भ्रष्ट निती की वजह फैल रही हैं... अगर आबकारी विभाग चाहता तो इस गोलीकांड को लेकर सख्ती बरतते हुए संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई करता लेकिन विभाग द्वारा ऐसा कुछ भी नही किया गया। 

    No comments:

    Post a Comment

    @Editor

    अपने शहर की खबरें , फोटो , वीडियो आदि भेजने के लिए हमें सीधे ईमेल करे :- Editor@VoiceofJhabua.com 

    RECENT NEWS

    PHOTO GALLERY