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    Thursday, July 13, 2017

    संभाग स्तरीय वैश्य महासम्मेलन की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर हुआ चिंतन


    झाबुआ । वैश्य महासम्मेलन एक ऐसा संगठन है जो राजनीति से परे हट कर प्रदेश के वैश्यों को संगठित करके ऐसे गा्रम पंचायत से लेकर जिला स्तर एवं संभाग स्तर के वैश्यों को एक बैनर के नीचे लाकर उनके माध्यम से बहुआयामाी कार्यो के माध्यम से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाला एक मात्र संगठन है जो किसी से लेना नही बल्की देना ही अपना उद्देश्य मानता है । वैश्य महासम्मेलन की प्रथम राज्य स्तरीय बैठक नर्मदा तट पर औंकारेश्वर मे तथा दूसरी बैठक नर्मदा तट पर ही भेडाघाट मे आयोजित की गई थी अब संभागीय बैठकोूं में कुछ गंभीर विषयों को लेकर चिंतन करके वैश्य समाज को संगठित करके इस समाज के सुख दुख में काम आने वाले संगठन के रूप मे इसकी पहचान बनी है । छोटे बडे व्यापारियो की परेशानियों एवं कष्ट के समयं  काम आने वाला संगठन होकर इसके 10 लाख से अधिक सदस्य बन चुकेि है । वैश्यों को कष्ट के समय साथ देने के लिये वेचारिक दृढता के साथ  तथा उनका सुरक्षा कवच बनाये जाने के उद्देश्य से प्रदेश की 24 हजार  गा्रम पंचायतों, 273 तहसीलों एवं सभी जिलो में इसका नेटवर्क स्थापित किया जाचुका है और सदस्य संख्या में अभिवृद्धि का क्रम सतत चल रहा है । चिंतन बैठक के आयोजन का उद्देश्य ही पूरे प्रदेश में वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के माध्यम से एकजुट करके तथा महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी करके बहुआयामी सेवा कार्य किये जारहे है । उक्त उदबोधन प्रदेश के राजस्व मंत्री एवं मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन के प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने नगर के एक नीजि गार्डन के सभागृह में  संभागीय चिंतन बैठक मे धार, बडवानी, झाबुआ एवं आलीराजपुर जिले के पदाधिकारियों एवं सेवा प्रकल्प सदस्यों को संबोधित करते हुए कहीं ।

    मां लक्ष्मीजी, सरस्वतीजी एवं गणेशजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस चिंतन बैठक में प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता, अनंत अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री कैलाश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष प्रवीण सुराणा, निर्मल अग्रवाल, दौलत भावसार, विनेाद बाफना, महेश माहेश्वरी, सत्यनारायण राठी, ओच्छबलाल सोमानी, गिरधारीलाल, दीपेश सकलेचा बबलू, सहित बडी संख्या में अतिथि मंचासीन थे । दो सत्र में संपन्न इस चिंतन बैठक में राजस्वमंत्री एवं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने  जिले वार संगठन की समीक्षा करते हुए आमंन्त्रित प्रमुख पदाधिकारियों को संबोधित करते आगे कहा कि यह  विशुद्ध रूप  से गैर राजनैतिक होकर इसका राजनीति से कोई लेना देना नही है । श्री गुप्ता ने कहा कि इस संगठन का किसी से लेना नही वरन देना ही काम है । उन्होने कहा कि आज कल राजनैतिक फैशन बन गया है कि चुनाव के समय विभिन्न समाजों के संगठन से चुनाव में खडे होने वाले प्रत्याशी सिफारिशी पत्र लिखवाते है  किन्तु वैश्य महा सम्मेलन ही ऐसा संगठन है जिसका इसमें कोई भूमिका नही होती है । संगठन की मजबुती के लिये उन्होने आव्हान किया कि कोई भी राजनैतिक दल ऐसे ही प्रत्याशियों को टिकट देता है जिसका जनाधार होता है । हमारा संस्कार बनियों का है हम देना जानते है किसी के सामने हाथ नही फैलाते है । हमे अपनी ताकत खडी करना है । उन्होने वैश्य समाज के हर सदस्य हर व्यक्ति पर आने वाले संकट के समय एकजुट होने के उदाहरण देते हुए कहा कि एक दुसरे के सुखदुख मे हमे सब काम छोड कर मदद के लिये पहूंचाना चाहिये ।उन्होने खाचरोद के एक व्यापारी के यहां हुई डाकेजनी की घटना के समय उज्जैन संगठन के पदाधिकारियों द्वारा पहूंच कर सान्त्वना देने तथा उन्हे मदद करने का भरोसा देने से उस व्यापारी के मनोबल को बढाने की घटना का जिक्र करते हुए  इससे संगठन को ताकत मिलने की बात कहीं ।
    श्री गुप्ता ने प्रदेश सरकार की अनेकोकं योजनाओं का जिक्र करते हुए व्यापारी वर्ग को भी लाडली लक्ष्मी योजना, सामुहिक विवाह योजना, 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले किसी भी छात्र को किसी भी महाविद्यालय मे प्रवेश लेने पर उसका खर्च सरकार द्वारा उठाये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि जिस भी व्यक्ति की मासीक आय 50 हजार तक है उसके परिवार को इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिये ।उन्होने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, युवकों को 50 लाख से 2 करोड तक के बिना गारंटी के ऋण मुहैया कराने की योजना के बारे में भी जानकारी देते हुए इसका लाभ लेने का जिक्र किया । उमाशंकरजी ने आगे कहा कि देश मे 85 प्रतिशत दान इसी वर्ग के द्वारा है घार्मिक एवं राजनैतिक पार्टियों को दिया जाता है । बनिया यदि चाहे तो कोई भी जुगाड करके रास्ता निकाल लेता है किन्तु यदि वह नही चाहता है तो बहाने भी बना कर दूर हट जाता है । संगठन को मजबुत बनाने की मानसिकता का होना जरूरी है। हमारी किसी  से भी कटूता नही है । किसी को भी शोषण नही करने की नसीहत देते हुए उन्होने कहा कि बनिया दूरदृष्टा होता है । शास्त्रों में भी कहा गया है कि महाजन जिस मार्ग पर चले उसका अनुसरण करना चाहिये ।हमारी विश्वसनियता होना चाहिये जिसका समाज मे अच्छा सन्देश जाता है ।
    म्ंात्रीजी ने कहा कि आने वाला समय  और कठिन है । भगवान भली उनकी ही सहातया करते है जो स्वयं की मदद करता है । वैश्यों की रक्षा वैश्य को ही करना चाहिये । इस समाज को संगठित करना हम सभी का नैतिक दायित्व है ।श्री गुप्ता ने हर गा्रम तक पदाधिकारियों को भ्रमण करके संगठन के सदस्य बनाने का आव्हान करते हुए कहा कि हर गा्रम स्तर तक हमारी सदस्य संख्या होगी तो संगठन की शक्ति और अधिक बढेगी ।जब तक नेटटवर्क नही बनायेगें कौन कहा पर कष्ट मे हे पता नही चल पायेगा  । उन्होने कहा कि गा्रम स्तर के वैश्यजनों को जिला तहसील तक अपनी परेशानि बताना चाहिये और यथा संभव मुझे भी बताये तो सहजता से परेशानी दूर हीा सकती है । नेटवर्क से संगठन की विश्वसनीयता बढीती है । उनहोने भोपाल में कश्मीर के विस्थापित बा्रह्मणों एवं उमरिया शहडोल की घटना का जिक्र करते हुए वैश्य समाज की मदद का उल्लेख भी किया ।  आगामी 20 एवं 21 सितम्बर को वैश्य महासम्मेलन के इन्दौर मे आयोजित परिचय सम्मेलन के बारे मे भी जानकारी देते हुए कहा कि आनेवाली पीढी  के लिये बनियों को मधुमक्खियों के छत्तों की तरह एकजुट होने का आव्हान किया ।यदि हमने आने वाले समय को नही समझा तो आने वाली पीढी हमे कभी माफ नही करेगी ।
    इस अवसर पर सोनकच्छ से आये श्री सत्यनारायण राठी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन की मजबुती के लिये उमाशंकर गुप्ता के नेतृत्व में एकजुट होने का आव्हान किया तथा प्रत्येक जिला ,तहसील, गा्रम पंचायत स्तर के संगठन को अपना बोर्ड लगा कर उस पर मोबाईल नंबर अंकीत करने का सुझाव दिया ।उज्जैन से आये अरवन्दि जैन ने भी संगठन के विस्तार एवं उसके लक्ष्य विषय पर अपने विचार व्यक्त किये कि जो बा्रहम्ण, शुद्र, क्षत्रिय नही हो वही वैश्य होता है ।वैश्य चाहे गरीब हो किन्तु स्वाभिमानी होते है ।उन्होने वैश्य महासम्मेलन के प्रकोश्ठ बनाने, व्हाटसप से जुडने, युवाओं का रक्त4दान शिविर लगाने, महिला ईकाई द्वारा निशुल्क कोचिंग क्लासेस चलाने जेैसे रचनात्मक काम करने का आव्हान किया । साथ ही गुडी पडवा पर वैश्य दिवस, 8 फरवरी को नानाजी की पूण्यतिथि, 2 अक्तुबर को गांधी जयंती के साथ प्रतिभा सम्मान समारोह, समाज सेवी सम्मान, आजीवन सदस्य सम्मेलन, हर घटक का फण्ड स्थापित करने एवं संपर्क सदस्य बनाये जाने का एवं विभिन्न आयोजन करने की बात कही।
    इस अवसर पर  महेश माहेश्वरी ने धार जिले केमाण्डव में 29 व 30 जुलाई को हाने वाली कार्यकारिणी की बैठक में सभीह की सहभागिता करने की बात कहीं ।ं इस अवसर पर आलीराजपुर के वैश्य समाज ने  54 नये सदस्यों को बनाये जाने फार्म मंत्रीजी को सौपें । कार्यक्रम का संचालन दीपेश सकलेचा बबलू ने मिकया तथा आभार जिलाध्यक्ष प्रवीण सुराणा ने माना । इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेट किये गये ।



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