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    Thursday, September 7, 2017

    भीतरघाती भाजपाई और पंकज ने आखिर ले ही पारसम् की जान..... मंत्री हो या कानुन के रखवाले कल्लीपुरा के अययाशगाह जाकर देते है धौंक ......


    भियां सबको मेरा नमस्कार..... भियां व्यापाम जैसे घौटाले कर अब भीतरघाती भाजपाई भैया और सटोरिया गुर्गा पंकज का क्रिकेट सटटा और सटटा व्यापार इतना बढ गिया है कि अब गांधीछापों के दम पर सत्ता पलटने को पहले की तरह तैयार हो गिया है.....और इन्ही गांधीछापों के दाम पर इन्होने एक पारसम् के व्यक्ति को इतना बेबस कर दिया की उसने आत्म हत्या कर ली।
    भियां नम्बरों के इस गौरख धंधे में बेरोजगार पंकज ने भाजपा के भीतरघाती अपने आका के साथ मिल कुछ वर्षो पहले सटटे का गौरखधंधा चालु किया। इस गौरख धंधे में सटोरिये पंकज के साथ भावेश, हितु,  अजय, पिन्टु और अनुज शामिल हुए.... इन्होने अपने क्रिकेट सटटा का मुख्यालय अपने आका के अययाशगाह कल्लीपुरा को बनाया... लेकिन इनका काम ठिक तरह से नही चल पाया.... तो इन्होने अपने अपने आका के साथ मिल कानुन के रखवाले को अपनी और किया.... जिसके चलते इन्होने अपने   प्रति़़द्वदी पारसम् को
    कानुन के रखवालो से परेशान करवाना चालु किया। कानुन के रखवालो को भी अच्छे खासे गांधीछाप मिलने की वजह से उन्होंने  ने पारसम् पर बार बार दबाव बनाया.... उसे इतना परेशान कर दिया की उसने इस गौरख धंधे को ही छोड दिया... और दुसरा व्यापार प्रारंभ किया.... मंगर भियां सटोरिये पंकज को ये भी गवारा नही रहा गया.... इन्होने फिर पारसम् को परेशान करना चालु किया.... वो इनता परेशान हो गिया की कामकाज भी ठिक ढंग से नही कर पा रहा था और कर्ज के बोझ से दब गिया.... फिर भी इन्होने पारसम् को नही छोडा.... इतना परेशान किया की उसे आत्महत्या के सिवा कुछ नही सुझा।
    पारसम् की आत्महत्या के बाद सटोरिये पंकज का ये गौरख धंधा बडने लगा.... फिर इनकी अपने आका के अययाशगाह कल्लीपुरा में बडी बडी डील होने लगी। इसी दौरान हत्यारे पंकज ने सटटा स्लीप और उसकी देखरेख का काम हितु को सौंपा .... और उसने झाबुआ के गरीब तबके की बस्तियों को निशाना बनाते हुए अपने गौरख धंधे को बडाने के लिए कानुन के रक्षकों की भी मदद ली। गांधीछापों को देख सारे नियम कायदे ताक में रख इस गौरखधंधे में सटोरिये पंकज की मदद की। नही तो बेरोजगार सटोरिया पंकज और उसके गुर्गे हितु, भावेश और अनुज जिनके पास न नौकरी है........ न कोई धंधा फिर भी मसाज के लिए बैंकाॅक थाईलैड जैसी जगह पर जा रहे है..... अगर कानुन के रक्षक इन पर शिकंजा कसे तो कई गौरखं धंधों में संलिप्त नजर आ सकते है।
    लेकिन व्यापम घौटाले में संलिप्त भीतरघाती भाजपाई के बडे भाई के केन्द्र व प्रदेश स्तर के मंत्रियों से अच्छी खासी है... जिनकी ये भीतरघाती भाजपाई गांधीछापों और शबाबों से खुश कर देता है ऐसे में इन भीतरघाती भाजपाईयों की..... मंत्री हो या फिर कानुन के रक्षक किसी को भी शिकायत कर ले कुछ नही होना है... क्योंकि सारे मंत्री और कानुन के रखवाले जब भी जिले में आते सबसे पहले कल्लीपुरा के अययाशगाह में जाकर धोक देते है।
    कानुन के रखवाले भी इनका कुछ नही सकते..... क्योंकि प्रत्येक माह गांधीछापों से भरी सुटकेस कानुन के रखवालो के कप्तान के पास पहुंच जाती है... जो चारों अंगुलियां घी में और सर कढाई में कहावत की तर्ज पर काम कर रिया है। जिसने कार्यकाल में सबसे ज्यादा.... गौरखधंधे, लुट, डकैत, चैर, अपहरण, बलात्कार जैसी वारदाते हो चुकी है। लेकिन जनता की आंखों पर पटटी बांधने के लिए कभी पौधा रोपण और कभी बालिका विकास की बात कर समाज सेवा का छोला औढ अपराधियों को शरण देते नजर आ रिये है। इन व्यापम घोटालेबाजों ने कानुन को इस कदर खरीद लिया है.... कि कानुन खुद गुंगा, बेहरा और अंधा हो गया है।
    तो भियां अब मैं जा रिया..... फिर मिलेंगे कुछ कही-अनकही के साथ.... जय रामजी की। 

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