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    Tuesday, September 12, 2017

    साहब चले पर्यावरण सुधारने.... लाॅ इन आर्डर भगवान भरोसे


    झाबुआ पुलिस अधीक्षक इन दिनों पर्यावरण सुधारने में लगे है और जिले में लाॅ एन आर्डर की स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर दिखाई देती नजर आ रही है.... इसी कारण विगत जून माह से अभी तक जहां दो युवकों की पुलिस ने बडी बेरहमी से पिटाई का शिकार होना पडा .... तो एक प्रकरण में पुलिस से परेशान परिवार की लडकियांें ने स्कूल जाना ही छोड दिया। इसके बाद भी न तो सरकार की नींद खुल रही है और न ही जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों की आंखों पर पर्दा डाल दिया जाता है। 
    जिले में पर्यावरण सुधारने और वृक्षारोपण कर अवार्ड पाने के चक्कर में जिले की पुलिस व्यवस्था चरमरा उठी है.... महज चार महिनों में कई बार पुलिस का खौफनाक चेहरा सामने आया है.... रविार को भी कुछ ऐसा ही हुआ... क्राईम ब्रांच के पुलिस कर्मी मींडल स्थित होटल वेलकम पर पहुचे और खाना आया.... खाना खाने के बाद जब वहां बैठे मैनेजर ने पुलिस कम्रियों से पैसे मांगे तो पुलिस का धौंस बताते हुए पुलिस कमियों ने यश पडियार की मानवियता को ताक में रख.... जबरजस्त पिटाई कर दी। पिटाई करने के बाद पुलिस वाले उसे थाने ले आये और अवैध शराब बेचने का प्रकरण बनाने लगे। इसी बीच यश पडियार की स्थिति गंभी होने पर उसे जिला चिकित्सालय लाया गया... तब तक परिजन भी चिकित्सालय पहुंच गए थे। 
    पुलिस कर्मियों की पिटाई से यश की गंभीर स्थिति को देखकर परिजन और समाजजन भडक गए। समाजजनों ने शाम 5 बजे के लगभग पुलिस कोतवाली का घेराव कर.... दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर की मांग करने लगे.... लेकिन पुलिस यहां पर भी वर्दी का धोस दिखाते हुए परिजनों को शांत रहने की बता करती रही। लेकिन परिजन नही माने तो पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया की दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। लेकिन जब बात अपनों की आई तो पुलिस अधीक्षक ने निलंबन से इनकार कर दिया और कह दिया की दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर होगी... वह भी तक जब समाजजनों ने संबंधितों के खिलाफ एफआईआर करने का दबाव बनाया और अपने रूतबे का उपयोग कर यश पडियार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा की रिपोर्ट भी दर्ज कर दी। ताकि तोषी पुलिसकर्मियों को बचाया जा सके। 
    7 सितम्बर को प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग जब झाबुआ जिले के दौरें पर आये तो सर्किट हाउस में भाजपा के नेताओं ने आरोप भी लगाया था कि झाबुआ में थाने शराब माफियाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं और पुलिस उनके इशारों पर किसी की भी पिटाई कर देती हैं.... प्रभारी मंत्री के सामने भाजपाईयो ने लगाये थाने का संचालन 

    7 सितम्बर को प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग जब झाबुआ जिले के दौरे पर आये तो सर्किट हाउस मे भाजपा के नेताओ ने आरोप भी लगाया की झाबुआ मे थाने शराब माफियाओ द्वारा चलाये जा रहे है पुलिस उनके इशारो पर किसी की भी पिटाई कर देती है और जिम्मेदार कुछ नही करते है। ऐसे में आम जनता की रक्षा कौन करेगा। 
    झाबुआ कोतवाली के भी कुछ ऐसे ही हाल है यहां.... कार्रवाई तो बाद में होती है पहले भांजगडी की जाती है.... विगत दिनों एक ठगी का मामला सामने आया था... एक सज्जन परिवार के मकान में कुछ युवक किराए से रहते थे.... झाबुआ कोतवाली प्रभारी ने पहले मकान मालिक पर दबाव बनाते हुए..... भाजगडी करने वाले बिछोलिए बिठा दिए और मकान मालिक पर एफआईआर दर्ज करने की धौंस देने लगे। भला हो पहचान वालों का जिन्होने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मकान मालिक को पैसे नही देने दिए। अगर झाबुआ कोतवाली में किसी किसी लडके लडकी की शादी या अपहरण वाला मामला आ गया तो कोतवाली की बल्ले बल्ले हो जाती है। ऐसे में ये आम जनता की क्या सुरक्षा करेंगे। 

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