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    Friday, May 26, 2017

    कहीं देखा है ऐसा पुलिस कप्तान.... जो स्वयं ग्रामीणों से रूबरू हो उनकी समस्याएं जाने और उन्हे मार्गदर्शित करें


      "पुलिस अधीक्षक महेशचंद जैन द्वारा सप्ताह में एक दिन सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाली खाटला चैपाला की कड़ी में दिनांक 24.5.17 को सांयकाल 06 बजे थाना कल्याणपुरा के ग्राम ढेबर बड़ी में खाटला चैपाल का आयोजन किया गया ।  चैपाल के दौरान ग्राम ढेबर बड़ी के तड़वी फलिया तथा आस-पास के फलिये के सैकड़ों बच्चंे, महिलाएं एवं पुरूष उपस्थित थे ।  
    उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए,पुलिस अधीक्षक महेशचंद जैन ने कहा  जिले में बालिका शिक्षा के निम्न स्तर एवं नाबालिग आयु में बालिकाओं की शादी को जिले के पिछड़ेपन का प्रमुख कारण बताते हुए जोर दिया, कि यदि हमें झाबुआ जिले की बालिकाओं की तस्वीर एवं तकदीर बदलनी है तथा जिले की तस्वीर बदलनी है तो हमें अपने बेटे/बेटियों की शिक्षा और उच्च शिक्षा पर ध्यान देना होगा ।  हमें प्रण करना होगा कि हम अपनी बेटियों की शादी 18 वर्ष से कम आयु में नहीं करेंगे, क्योंकि कम आयु में शादी करने से न केवल उसकी पढ़ाई छूट जाती है बल्कि नाबालिग अवस्था में ही मां बन जाने के कारण माता एवं शिशु दोनों का स्वास्थ्य विपरीत रूप से प्रभावित होता है । ‘‘कम से कम 18 वर्ष की उम्र तक, पढ़ना और पढ़ाना है । जीवन सुखद बनाना है, जीवन सुखद बनाना ।’’
                   वर्षो से हम दहेज दापा लेते रहे हैं, परन्तु कोई भी एक व्यक्ति यह बताए कि दहेज दापा के पैसों से किसी ने मकान बनवाया हो, कोई व्यवसाय शुरू किया हो, तूफान गाड़ी खरीदी हो अथवा जमीन खरीद हो या बैंक में एफ.डी. करवाई हो ।  यदि नही ंतो फिर दहेज दापा के पैसों का क्या किया,  सिवाय शराब पीकर बर्बादी करने के । परन्तु जिससे हम दहेज दापा लेते हैं वह परिवार कर्जदार हो जाता है और फिर उस कर्ज को उतारती है, आपकी बेटी मजदूरी करके ।  अतः निवेदन है कि यदि आप चाहते हैं कि एक गरीब आदिवासी के घर जन्म लेने वाली बेटी के जीवन की नियति मजदूरी करते करते मर जाना नहीं रहे, तो कृप्या दहेज दापा नहीं लें ।  बेटे/बेटियों को शिक्षा और उच्च शिक्षा दिलवाएं ताकि वह आगे बढ़ सके, आत्मनिर्भर बन सके और उनका जीवन एवं भविष्य सुखद एवं उज्ज्वल हो सके । ‘‘18 वर्ष की उम्र के पहले नहीं करोगे अपनी बेटी की शादी, तो पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी और सुखी रहेगी बेटी तुम्हारी ।’’
    मौके पर एक बच्चे की टूटी हुई चप्पलों को देखकर पुलिस अधीक्षक ने महा कि मुझे नहीं मालूम कि यह टूटी चप्पल किसके बेटे की हैं घ् परन्तु यदि हम एक माह के लिए भी शराब पीना छोड़ दे ंतो हम उन पैसों से अपने बच्चों के लिए चप्पल, कपड़े तथा अपनी पत्नी के लिए साड़ी आदि जा सकते हैं और अपनी पत्नी एवं बच्चों का जीवन सुखद बना सकते हैं ।  
    उपस्थित बेटियों को निर्भया मोबाइल का मोबाइल नंबर 70491-60237 नोट करवाया गया तथा उन्हें बताया किया कि यदि कोई आपको परेशान करता है, पढ़ाई छुड़वाता है, आपकी जबरदस्ती शादी करवाता है, तो निर्भया मोबाइल को फोन करें, तत्काल निर्भया मोबाइल या आस पास की पुलिस आपकी सहायता के लिए मौजूद होगी । 

      सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण शराब पीकर वाहन चलाना है।  यदि हम नहीं चाहते हैं कि हमारे बच्चे अनाथ हों, पत्नी परेशान हां, तो कृप्या शराब पीकर वाहन न चलाएं, यह जानलेवा है भोले-भाले आदिवासियों के साथ होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के लिए उन्हें समझाया गया कि:-  

    यदि कोई व्यक्ति/कम्पनी, आपका पैसा
    कम समय में दो गुना/तीन गुना करने का लालच दे रहे हैं
    तो ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहें,
    ऐसे व्यक्ति/कम्पनी आपका पैसा लेकर भाग जाएगी

    किसी भी व्यक्ति के पूछने/मांगने पर,
    अपना ए.टी.एम.पिन या बैंक खाते की जानकारी न बताएं।
     ऐसे व्यक्ति आपके साथ धोखाधड़ी कर,
    आपके पैसे निकाल लेंगे ।


    धोखेबाजों से सावधान रहें
    लाॅटरी आदि निकलने के नाम पर
    किसी के फोन करने/कहने पर
    बैंक में पैसा जमा न करें ।

    अंत में उपस्थित जन समुदाय द्वारा शपथ ली गई कि ‘‘हम तीज त्यौहार को छोड़कर शराब नहीं पीयेंगे, दहेज दापा नहीं लेंगे, अपने बेटे/बेटियों को कम से कम 18 वर्ष की उम्र तक पढ़ायेंगे एवं 18 वर्ष की आयु से पहले अपनी बेटियों की शादी नहीं करेंगे तथा उन्हें उच्च शिक्षा दिलवाकर उनका जीवन एवं भविष्य उज्जवल बनाएंगे । बाद में सभी ग्रामीणजनों द्वारा दाल-भात का भोजन किया गया ।  

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