• Trending

    Friday, December 15, 2017

    अंधा, बेहरा और गुंगा प्रशासन प्राचार्य प्रसाद पर मेहरबान....... शिक्षक को दी जान से मारने की धमकी


    पेटलावद से राजेश  राठौड़ की रिपोर्ट...... 
    महिला से अश्लील  हरकत करने वाले प्राचार्य प्रसाद पर जिला प्रशासन इतना मेहरबान है कि  अब प्रशासनिक अधिकारीगूंगे, बेहरे और अंधे नजर आने लगे है। हमेषा से सुर्खियों में रहने वाले शा.क.उ.मा.वि. पेटलावद के प्राचार्य प्रसाद जो मुल रूप से इस पद पर काबिज ही नही है। वो प्राचार्य के पद का दुरूपयोग कर अब षिक्षकों को जान से माने की धमकी देने में भी नही छुक रहे है। ऐसे में अंधा, बेहरा और गूंगा  जिला प्रषासन कार्रवाई करने की बजाय, किसी बडी अनहोनी होने को इंतजार कर रहा है।

    विगत कई दिनों से पेटलावद शा.क.उ.मा.वि. में प्राचार्य प्रसाद के तुगलकी फरमान इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।  विवादों में घीरे प्राचार्य प्रसाद अब बौखला गए है... और इसी बौखलाहट की वजह से अब प्राचार्य प्रसाद विपक्ष के अहम गवाह को कार्यमुक्त कर जान से मारने की धमकी देने में भी नही छुक रहे है। छात्रावास अधीक्षिका के साथ छेडछाड के मामले में शिक्षक विजय बारिया अहम गवाह है और जिनकी गवाह से दुध का दुध और पानी का पानी हो जायेगा। ऐसे में प्राचार्य प्रसाद द्वारा विजय को गवाही न दे इसलिए जान से मारने की धमकी देने के साथ ही अकारण उन्हे कार्यमुक्त कर दिया गया। इस तरह के तुगलकी फरमान प्राचार्य प्रसाद आए दिन षिक्षकों और छात्राओं पर थौपते रहते है....इन फरमानों से छात्राएं इतनी परेशान है की उन्हे सडकों पर उतरना पडा.... लेकिन जिला प्रशासन को न तो छात्राओं के आंसु दिखे और न ही उनकी समस्या। 
    पेटलावद ब्लाॅस्ट पीडित महिला के साथ अश्लील  हरकत करने वाला कोई और नही प्राचार्य प्रसाद ही है.... जिसने पीडित महिला की बेबसी का फायदा उठाना चाहा..... जिसकी शिकायत के बाद कलेक्टर आशीष  सक्सेना के निर्देशानुसार प्राचार्य प्रसाद का स्थानांतरण कल्याणपुरा संकुल कर दिया गया। लेकिन अपनी हटधर्मिता एवं अधिकारियों से सेंटिंग के चलते कल्याणपुरा नही गए और वहीं रह कर अपने तुगलकी फरमान थौंपते रहे। आॅन रिकार्ड की बात करें तो प्राचार्य प्रसाद पेटलावद में पदस्थ ही नही है....उनका अधिकार क्षेत्र तो कल्याणपुरा में है.... कोर्ट से स्टे तो प्राचार्य प्रसाद ले आए थे... लेकिन आज भी मुल दस्तावेतों की माने तो वे प्राचार्य के पद पर नही है।  फिर भी प्राचार्य के अधिकारों का दुरूपयोग कर विजय बारिया को कार्यमुक्त करना कहां का न्याय है। रिकार्ड मे तो प्राचार्य प्रसाद कहीं से कहीं तक शा.क.उ.मा.वि. पेटलावद के प्राचार्य नही है। तो फिर क्यांे पद का मोह नही छोड रहे है। जबकि मुल रूप से शा.क.उ.मा.वि. के प्राचार्य संजय है। स्टे लाकर सभी को ये साबित कर रहे है की वे आज भी प्राचार्य है.... लेकिन अलियत तो कुछ और नही है.... अब कौन इनकी हटधर्मिता पर लगाम कसेगा.... ये देखना बाकि है। 


    Best Offer

    @Editor

    अपने शहर की खबरें , फोटो , वीडियो आदि भेजने के लिए हमें सीधे ईमेल करे :- Editor@VoiceofJhabua.com 

    RECENT NEWS

    PHOTO GALLERY