• Breaking News

    Wednesday, February 21, 2018

    VOJ Exclusive घर-घर खुलेआम परोसी जा रही अवैध शराब..... तो फिर जनजाग्रति का नाटक क्यों?


    पेटलावद से राजेश राठौड की रिपोट.......
    पेटलावद । सरकार भले ही अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने की बात करती हो लेकिन खुद सरकार के नुमाइंदे ही अवेध काम को बढ़ावा दे तो फिर यह कैसे संभव होगा। हम बात कर रहे हैं अवैध शराब की, जी हां नगर में इन दिनों अवैध शराब का विक्रय धड़ल्ले से किया जा रहा है जिसे रोकने में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। पुलिस व आबकारी विभाग तथा ठेकेदार की मिलीभगत से अवैध शराब का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है। नगर के कई इलाकों में शराब माफियाओं द्वारा खुलेआम  अवैध शराब परोसी जा रही है लेकिन पुलिस व आबकारी विभाग इस ओर ध्यान देने के बजाय आंखें मूंद बैठे हैं। 

    आए दिन शराबी अवैध शराब के नशे में धुत होकर नगर की गलियों में देखने को मिल जाएंगे जिनसे महिलाएं काफी परेशान होती है, क्योंकि शराबी शराब के नशे में गालियां देते हुए निकलते हैं। खुलेआम बिक रही अवैध शराब से पुलिस व आबकारी विभाग भलीभांति परिचित है लेकिन यह शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने से कतराते हैं। आखिर क्यों इन पर कार्यवाही नहीं होती ?  बताया जाता है कि ठेकेदार द्वारा घर-घर जाकर शराब का सप्लाई किया जाता है लेकिन फिर भी पुलिस और आबकारी दोनों ही विभाग इस ओर कार्यवाही नहीं करता है। इन दिनों आदिवासी समाज में विवाह का सीजन चल रहा है जिसमें आदिवासी लोग अपनी परंपरा के अनुसार शराब का उपयोग करते हैं पुराने जमाने में वह देशी महुआ से शराब बनाते थे लेकिन अब ठेकेदार बड़ी मात्रा में गांव में शराब पहुंचाकर इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं।  शराब माफिया आदिवासियों को नशे के दलदल में धकेल देते हैं और आदिवासी युवाओं को शराब का आदि बना देते हैं गांव में शराब पहुंचाने के लिए शराब ठेकेदार बेरोजगार आदिवासी युवाओं का उपयोग करते हैं उन्हें चंद रुपए देकर मोटरसाइकिल जीप आदि के माध्यम से गांव में शराब पहुंचाई जाती है शराब माफिया का नेटवर्क गांव में बहुत तगड़ा है कोई चाह कर भी ठेकेदार की शराब के बारे में किसी तरह का कोई सवाल नहीं कर सकता नाही ठेकेदार का विरोध कर सकता है गांव में शराब ठेकेदार ने अपनी सत्ता स्थापित कर रखी है शाम होते हैं लोग नशे की चपेट में आ जाते हैं कई तो रात भर हल्ला मचाते हैं ग्रामीणों को नशे से बचाने के लिए सरकारी स्तर पर जो बड़ी-बड़ी बातें की जाती है या जन जागृति का नाटक किया जाता है वह केवल कागजों में ही दिखाई देता है वास्तव में शराब सप्लाई की एक ऐसी व्यवस्था गांव में बहाल हो गई है जिसके आगे प्रशासन जानबूझकर पंगु साबित हो रहा है आबकारी विभाग पुलिस तथा शराब ठेकेदार की मिलीभगत के कारण गांव में स्थिति चिंताजनक हो गई है प्रत्येक गांव में कुछ घर ही ऐसे होंगे जहां ठेकेदार द्वारा सप्लाई की जाने वाली शराब ना मिलती हो चिंताजनक तो यह है कि इस काम में बेरोजगार युवा जुड़ गए हैं जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है समस्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है इस बात का सबूत यह है कि आप तो ठेके पर नाबालिक लड़कियां भी शराब खरीदने पहुंच रही है अब भी अगर नेता और प्रशासन नहीं जागे तो आने वाले दिनों में बर्बादी का अंदाजा लगा पाना बहुत मुश्किल होगा


    Best Offer

    @Editor

    अपने शहर की खबरें , फोटो , वीडियो आदि भेजने के लिए हमें सीधे ईमेल करे :- Editor@VoiceofJhabua.com 

    RECENT NEWS

    PHOTO GALLERY