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    Sunday, March 4, 2018

    शराब माफियाओं के हौसलें बुलंद.... अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ग्रामीणों को आना पडा सडकों पे...... जिम्मेदार कर रहे माफियाओं की डयुटी



    पेटलावद से राजेश राठौड़ की रिपोर्ट ........ 
    पेटलावद। शराब का अवैध कारोबार कर रहे ठेकेदार अब अधिक लाभ कमाने के चक्कर में गांव-गांव अवैध बिक्री कर अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे है। गांव-गांव अवैध शराब को ठेकेदार द्वारा बेरोक-टोक इस कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीण युवकों को शराब उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ये युवक इन ठेकेदारों के लिए काम भी करते हुए देखे जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर ग्रामीण अंचल क्षेत्रों का माहौल खराब हो रहा है तो वही दूसरी ओर युवा पीढ़ी नशे की लत की आदी होती जा रही है। और ऐसा भी नहीं है कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को न हो, लेकिन जिले का यह प्रशासन जिले में अपनी सुस्ती व नाकामी का ही परिचय दे रहा है।

    पेटलावद क्षेत्र में इन दिनों अवैध शराब का परिवहन करने में शराब ठेकेदार काफी मजबूती से सक्रिय दिखाई दे रहा है, ओर खुलकर अवैध शराब ग्रामीण क्षेत्र में परोस कर कई जिंदगियो से खिलवाड़ हो रहा है। कई ग्रामीणजन जागरूक होकर शराब आदि तरह के नशे को छोड़कर सुखी जीवन व्यतीत कर रहे है, लेकिन अवैध शराब माफिया इन ग्रामीणों को इस लत में धकेलने से बाज नही आ रहे है ऒर सरेआम शराब बेच रहे है। क्षेत्र में एक बार फिर अवैध शराब परिवहन को लेकर काफी चर्चायें हो रही है, ओर हो भी क्यो नही, क्योकि इस बार अवैध शराब परिवहन करने वाले शराब ठेकेदार की गाड़ी को न पुलिस न आबकारी बल्कि खुद ग्रामीणों ने पकडकर एक मिसाल कायम की। ग्रामीणजन भी इस शराब से तंग आ गये है, क्यो पुलिस व आबकारी तो कोई कार्यवाही नही करता, इसलिये खुद ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस व आबकारी विभाग की पोल खोलते हुये अवैध शराब पकड़ पुलिस के हवाले की। मिली जानकारी के अनुसार गत दिवस ग्राम पंथबोराली में ग्रामीणों ने पेटलावद ठेके की गाड़ी को पकड़ा, जिसमे से 2 पेटी अंग्रेजी शराब एमडी, 4 पेटी देशी प्लेन, 28 पेटी बियर ओर 6 पेटी गोवा व्हिस्की बरामद करवाई गई। उक्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई जा रही है।  मौका देखकर चालक तो फरार हो गया, लेकिन सप्लाइर नागूलाल टाक निवासी मंदसौर को ग्रामीणों ने पकड़कर  पुलिस को सूचना दी।  बहराहल, इस घटना के बाद आबकारी और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है कि जो काम आबकारी या पुलिस को करना चाहिए था वह काम ग्रामीणों को आखिर क्यों करना पड़ा? क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन के साथ जमकर परोसी जा रही है, जहां-तहां शराब के मोबाइल पाइंट बन चुके हैं लेकिन यह सब कुछ आबकारी व पुलिस विभाग को न जाने कौन सी सद्भावना के चलते दिखाई नहीं दे रहा है। धुलेंडी के दिन भी करवड़ होली मेले में मुखबिर ने एसडीओपी को सूचना दी तब कहीं जाकर टीआई व उनके अमले ने शराब को बेचते पकड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि शराब माफिया व तस्कर इस क्षेत्र में जमकर शराब परोस रहे हैं लेकिन जिम्मेदार पुलिस-आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी अवैध शराब कारोबारियों पर कार्रवाई से गुरेज कर रहा है। वहीं मीडिया में जब खबरे लगातार आती है तो पुलिस व आबकारी विभाग की टीम कुछेक जगहों पर दबिश देकर या छोटे शराब व्यवसायियों पर कार्रवाई कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती है। 

    बताया जाता हैं कि पेटलावद कस्बे में अवैध शराब का कारोबार ओर कोई नही खुद ठेकेदार ही कर रहे है। उजाला होते ही जीप में शराब भरकर अवैध शराब का परिवहन शुरु हो जाता है। अजब बोराली के ग्रामीणों ने बताया कि रोजाना उक्त जीप शराब का परिवहन करने के लिए आती थी। शराब के सेवन से कई जिंदगियां काल के गाल में शमा गई है। जिससे ग्रमीणों में आक्रोश था आज सुबह उक्त जीप को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। ओर बाद में पुलिस पहुंची व जीप को अपने कब्जे में लिया। 
    अवैध शराब की तरस्करी को लेकर जिम्मेदारों को हमारे द्वारा खबरों के माध्यम से अवगत भी करवाया गया लेकिन जिम्मेदारों ने जनता की आवाज पर कोई ध्यान नही दिया। जिसके चलते ग्रामीणों खुद सडकों पर उतरना पडा और माफियाओं द्वारा की जा रही शराब तस्करी पर अंकुश लगाने का प्रयास तो किया। अगर इसी तरह चलता रहा तो ग्रामीणों को मजबुरन सडकों पर उतरकर माफियाओं के खिलाफ आंदोलन प्रारंभ करना होगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

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