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    Monday, April 9, 2018

    मार्च माह में ही 118.6 फीट नीचे पहुंचा चुका था जलस्तर...... जिले में 500 से ज्यादा हैंडपंप हो गए बंद..... पानी की समस्या को जल्द से जल्द सुलझाया जाए- कांतिलाल भूरिया............पीएचई विभाग उदासीन


    झाबुआ। जिले में जलस्तर में कमी के चलते मार्च महीने में ही 500 से अधिक हैंडपंप ने दम तोड़ दिया। भीषण गर्मी का दौर अभी आने वाला है। इससे हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारी जलसंकट से निपटने के लिए पुख्ता योजना होने की बात कह रहे हैं। दरअसल गत मानसून सत्र में टुकड़ों में बारिश हुई थी। जिससे भविष्य के जलसंकट का खांका पहले ही तैयार हो गया था। अब इसका असर नजर आने लगा है। एक-एककर हैंडपंप बंद होने लगे हैं। जिले के 6 विकासखंड में कुल स्थापित हैंडपंप की संख्या 13 हजार 651 है। इसमें से अब तक 542 बंद हो चुके हैं। अप्रैल तक आंकड़ा 1 हजार से ऊपर निकलने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन फिर भी पीएचई विभाग के आलाधिकारी अभी सिर्फ योजना बनाने में ही लगे हुए है। ऐसा लगता है कि उन्हे जिले में जो जल संकट उत्पन्न हो रहा है उसकी फिक्र तक नही है। 


    पेटलावद में सबसे खराब हालात
    पीएचई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पेटलावद विकासखंड में स्थिति सबसे खराब है। यहां अब तक 145 हैंडपंप बंद हो चुके हैं। सबसे कम राणापुर विकासखंड में 42 हैंडपंप बंद है। हालांकि पीएचई के अधिकारी पहले ही करीब 250 बसाहटों में जलसंकट की संभावना व्यक्त कर चुके हैं। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ बंद हैंडपंप की संख्या में और इजाफा हो सकता है। पेटलावद क्षेत्र में अभी से पानी के लिए इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो सकती है।


    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ईई जितेन्द्र मावी का कहना है कि इस बार स्थिति गंभीर है। जलस्तर में गिरावट से 500 से अधिक हैंडपंप बंद हुए हैं। हालांकि हम उनमें आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप बढ़ा रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में बहुत ज्यादा दिक्कत न हों। जरूरत पड़ी तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परिवहन किया जाएगा। कोशिश पूरी रहेगी की लोगों को पानी की दिक्कत न हो।


    झाबुआ के समीप बामन सेमलिया गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला बदली बाई का कहना है कि पानी को लेकर हमारे फलिए में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है पानी लेने दूर जाना पड़ता है और काफी देर हैंडपंप चलाने के बाद हमें पानी मिलता है हमें शासन से अनुरोध है कि वह हमें पानी की व्यवस्था करें।

    चुनावी समर को देखते हुए रतलाम झाबुआ संसदीय क्षेत्र के सांसद कांतिलाल भूरिया ने भी झाबुआ, अलीराजपुर और रतलाम क्षेत्र में जल संकट को देखते हुए सरकार से मांग की है कि लोगों की पानी की समस्या को जल्द से जल्द सुलझाया जाए और कांतिलाल भूरिया ने कहा है कि कल हम कलेक्ट्रेट में राज्यपाल के नाम झाबुआ की बिगड़ती हुई स्थिति को देखते हुए एक ज्ञापन सोपेंगे। 


    जिले में कहां कितने फीट गिरा जलस्तर

    विकासखंड जलस्तर
    झाबुआ 105.1
    रामा 120.8
    राणापुर 111.9
    मेघनगर 118.2
    थांदला 120.5
    पेटलावद 135.3
    औसत 118.6
    (स्त्रोतरू पीएचई विभाग)

    पांच साल में बारिश
    वर्ष बारिश
    2017 - 890.9
    2016 - 1017.9
    2015  - 691.9
    2014  - 753.6
    2013  - 1249.8

    जिले में ये हैंडपंप बंद
    ब्लॉक - गांव - हैंडपंप - बंद
    झाबुआ - 127 - 2575 - 42
    राणापुर - 95 - 2062 - 64
    थांदला - 111 - 2167 - 102
    मेघनगर - 110 - 2685 - 114
    पेटलावद  - 211 - 1939 - 145
    रामा  - 122 - 2223 - 75
    योग  -776 - 13651-  542

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