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    Sunday, June 17, 2018

    मानवता को कर दिया र्शमसार...... बस स्टेंड पर ढेड घंटे तक पडा रहा रमतु का शव ..... रमतु के शव को घर तक पहुंचाने में मदद करने वालों को मेरा सलाम


    झाबुआ। मानवता को शर्मसार करने वाली एक और तस्वीर सामने आई। मानवता को तार तार करने वाली ये तस्वीर किसी ओर जगह की नही बस स्टेंड पर मृत पडी रमतु की है। जिसके आस पास उसके शव को देखने के लिए लोगों की भीड लग गई। लेकिन कोई मदद के लिए आगे नही आया।  
    रानापुर के मातासुला ग्राम में निवास करने वाला भुरा भाई अपनी पत्नी रमतु को ईलाज करवाने के लिए रानापुर दाहोद बस में बिठाकर ईलाज के लिए दाहोद ले जा रहा था। तभी अचानक बस में ही उसकी तबियत बिगड गई और उसकी मौंत हो गई। बस चालक पठान में आत्मीयता दिखाते हुए भूरा के साथ मिल रमतु के शव को बस स्टेंड पर रखवाया और किराये के पैसे वापस कर दिए। बस चालक पठान को समय पर बस दाहोद ले जाना था। इसलिए वो शव को सुरक्षित जगह रख चला गया। अपनी पत्नी के शव को घर ले जाने के लिए भूरा मदद मांग रहा था तब रमतु के शव के चारों और भीड इकटठा हो गई। लेकिन भूरा की किसी ने मदद नही की, तभी बस स्टेड पर उपस्थित ट्रªाफिक कर्मी अजित सिंह और चालक परिचालक संघ के अध्यक्ष सोनु सैयद को इस बारे में जानकारी मिली तो वो तुरंत वहां पहुंचे और कटोल रूम फोन लगाया। तभी थाने से एसआई खलील एहमद पहुंचे। एसआई खलील एहमद और सोनु ने भूरा की मदद के लिए सभी से गुहार लगाई लेकिन किसी ने एक न सुनी। फिर एसआई साहब जिला चिकित्सालय पहुंचे लेकिन वहां से भी कोई संतोषप्रद जवाब नही मिला। चिकित्सालय के वाहन चालकों को भी एसआई साहब ने कहा लेकिन उन्होने भी मंत्रीजी के आने की बात कह कर पल्ला झांड लिया। 
     अंत में दोनों ने निर्णय लिया कि निजी वाहन कर के भूरा की पत्नि रमतु के शव को उसके घर भिजवायेगे। आखिर में एसआई साहब ने एक फ़ोन लगाया ओर व्यक्ति से मदद मांगी तो उस व्यक्ति के माध्यम से साहब ने व्यापारी संघ के पदाधिकारियों से बात हुई। करीब ढेड घंटे बाद शव वाहन बस स्टेंड पहुंचा। रमतु के शव को रानापुर पहुंचाने के लिए संदीप जैन ने शव वाहन के लिए डीजल की व्यवस्था की। इस पुरे ढेड घंटे में कई आसपास दुकाने थी और  लोगों की भीड भी लगी  थी लेकिन भूरा की मदद के लिए कोई सामने नही आया। भूरा को रोता बिलकता देख सभी मजा ले रहे थे। मगर हां कुछ लोग ऐसे भी थे होते है जो मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते है। ऐसे एसआई खलील एहमद, सोनु सैयदए ट्राफीक कर्मी अजित सिंह और संदीप जैन जिन्होने रमतु का शव भूरीमाटी पहुंचाने के लिए क्या कुछ नही किया। कईयों से मदद की भीख मांगी और आखिरकार रमतु के शव को उसके घर पहुंचा दिया। ऐसी मदद करने वालों को मैं सलाम करता हुं। जिन्होने मानवता का धर्म तो निभाया। बाकि तो सब के सब मानवता को शर्मसार करने में लगे थे। 

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