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    Saturday, December 8, 2018

    कलसिंह के रथ को रोकने बंटाधार दंपत्ती को हत्यारें ने दिए गांधीछाप.... कलसिंह विधानसभा हार जाये तो लोकसभा से कलसिंह की दावेदारी खारिज.... 26-27 की रात माफिया बांट रहा था जमकर गांधीछाप....


    भियां सभी को मेरा नमस्कार... लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ... भियां राजनैतिक सरगर्मियों में इन दिनों भाजपा में वो केते है ने .. सुत में कपास... जुलाहों में लटठम्... लट्ठा वाला दौर चल रिया है.... या फिर युं कहें भियां.... भाजपाई ही भाजपाईयों को निपटाने में लग गिये है... भियां लोकसभा चुनाव को अभी 6 महिने बाकि है... लेकिन भियां सुत में कपास जुलाहों में... लटठम्... लट्ठा  दौर अभी से चालु हो गिया है...। 
    भियां मोदीजी के भाबरा आगमन के दौरान जब कलसिंह भाबर ने पैदल यात्रा की... तो भियां मोदीजी ने कलसिंह की पीठ थपथपा दी... तब भियां जनचर्चा बन गी थी कि अब तो कलसिंह लोकसभा चुनाव जरूर लडेंगा.... ऐसे  में भियां लोकसभा क्षेत्र में लोकसभा के लिए कई दावेदार है... पर  इन दावेदारों में एक हत्यारा दावेदारी करने पेराशुट से उतर ....  अभी तो चुनाव जीता नी... उसके पेले लोकसभा की दावेदारी कर रिया है....ऐसे में भियां पेराशुट से उतर कर आए इस हत्यारे की राह का पहला रोडा तो कलसिंह ही है... इसलिए बंटाधार दंपत्ती से मिल हत्यारे ने गांधीछापों के दम पर निर्दलीय को सहयोग किया... जिसे बंटाधार दंपत्ती ने अपने स्वार्थो के लिए खडा किया था...।
    भियां ये बंटाधार दंपत्ति वही है जिसने जननी के एक कार्यक्रम में शौचालय जो सिर्फ निर्धारित समय के लिए बनाए गए थे... उनके लाखों रूपए के बील बनाकर राशि हजम करने की कोशिश की थी... भियां आप सब जान रिये है... कि जननी का कार्यक्रम कैसा होता है... इस गोलमाल का जब कलसिंह ने विरोध किया तो ये कलसिंह को निपटाने में लग गिये...। 
    और अब भियां कलसिंह को विधानसभा चुनाव में निपटाने के लिए... बागी खडाकर.... हत्यारे और माफियाओं से मिल... कलसिंह का रथ... जो सरपट दौड रिया था उसे रोकने में लग गिये... और हत्यारे से ये डिल हुई की भियां अगर कलसिंह हार जाता है तो लोकसभा से कलसिंह की दावेदारी खारिज हो जाती है.... ऐसे में बंटाधार दंपत्ति ने निर्दलीय को जिताने के लिए भियां हत्यारे से मोटी रकम ली... और बागी के प्रचार प्रसार में खर्च की... और कुछ रकम अपनी जेब में भी डाली। 
    जब भियां कलसिंह की रैली और सभाओं को देख बंटाधार दंपत्ति को लगा की अपने बागी की दाल नही गलेगी तो भियां बंटाधार दंपत्ती और माफियाओं ने मिल... 26 व 27 दिसम्बर की रात रंभापुर और आसपास के क्षेत्र में जमकर गांधीछापों की बारिश की... जब भाजपा के निष्ठावान एक कार्यकर्ता को इस बारे में पता चला तो आलाकमान को इस बारे में अवगत करवाया और माफिया को आलाकमान ने गांधीछाप नही बांटने के निर्देश दिए। 
    अब भियां हत्यारा भी सक्रिय था... उसे डर है कि कहीं कलसिंह जीत न जाए... तो कांग्रेस को भी अपनी ओर लेने की कोशिश बंटाधार दंपत्ति के माध्यम से की। भियां अभी से हत्यारा लोकसभा चुनाव की लडने की बात कर रिया है... ऐसे में अगर कलसिंह जीत जाता है तो... इस हत्यारे को काफी परेशानी होगी... लेकिन भियां गांधीछापों के सामने तो सब नतमस्तक है चाहे जननी हो या फिर आलाकमान। 
    तो भियां अब में चलता हुं... लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं... भियां हत्यारे जिस बंटाधार दंपत्ति का सहारा ले रिये हो... उन्होने सबकी नैया डुबोई है... लोकसभा की तैयारी तो कर रिये है... लेेकिन तुम्हारे विरोधी वहां भी निपटाने की तैयारी कर रिये है.... अब जा रिया... जय राम जी की। 

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