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    Friday, January 11, 2019

    कांतिलाल के साम्राज्य को ध्वस्त करने में जुटे हत्यारे और उसके आका...... आठों विघानसभाओं से बागी के रूप में खडें करेंगे हाथछाप उम्मीदवार .... निर्देशों का पालन करता तो आज आशीष यहीं रहता


           भियां... सभी को राम राम... दुआ सलाम...  जय येसु.... सत् श्री अकाल..... और तमाम धर्मालंबियों को उनके धर्मानुसार कही-अनकही का नमस्कार... 

               भियां इतिहास गवाह है जब जब मेरे गांव में विघानसभा चुनाव में त्रिकोण मुकाबला हुआ... तब तब  भियां फुलछाप की ही जीत हुई.... इस बार भियां कुछ ऐसा ही हुआ.... पर इसमें दुसरा पेंच आशीष भी है... जिससे हत्यारे को जीत मिली...। नही तो भियां आप खुद ही सोच लियो... हत्यारे की जीत होती....
    भियां अब आप सोच रिये होंगे आशीष कौन... और ये इसका क्यों बोल रिया है.... भियां आशीष हमारा पुराना राजा... भियां रूको तो सही... पुरा खेल बिता रिया हुं... भियां हमारे पुराने राजा आशीष को उपर से निर्देश था.... कि दुसरें राज्यों में काम की तलाश में गए मजदुरों को अपने यहां वापस बुलाए और विघानसभा में चुनाव में मतदान करवाये... इसके लिए भियां आशीष को तीनों विघानसभा के कोटवारों को मतदान के लिए दुसरे राज्यों में गए मजदुरों को लेकर आना था... पर भियां आशीष ने ऐसा नी किया और झाबुआ विधानसभा के  दो  ब्लाॅक के कोटवारों  को ही भेज इतिश्री कर दी... तभी तो भियां आशीष के बदौलत फर्जी मतदान हो गिया... हत्यारें की जीत हुई....  ओर उधर थांदला पेटलावद में फुलचाप को हरवा दिया।  ताकि लोगसभा में कोई रोड़ा न बने। भियां हाथछाप नेताओं ने इसका विरोध करते हुए .... इस बात की शिकायत भी की...जिसके बाद हाथछाप सरकार ने तबादले नही होने के निर्देश के बावजुद.... आशीष को यहां से रवानगी दिलवाई.... नही तो आशीष लोगसभा चुनाव नी करवाता।   
                   
                भियां आशीष और त्रिकोणीय मुकाबले की बदौलत जीता हत्यारा अब लोगसभा चुनाव की तरफ नजरे गढाए बैठा नजर आ रिया है... भियां सुनने में आ रिया हैं कि हत्यारे के फुलछाप आका इस बार लोगसभा चुनाव के लिए हत्यारा या फिर उसकी पत्नि पर दाव आजमाने जा रिये है.... क्योंकि भियां गांधीछापों के सामने सच्चे सिपाहियों की कोई औकात नही... उनके सामने बडी विडंबना है कांतिलाल का साम्राज्य... उसे कैसे ध्वस्त किया जाए। 

               तो भियां हत्यारे और उसके आका ने इस बार लोगसभा चुनाव में कांतिलाल के साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए एक बडा दाव खेलने को सोचा है.... भियां कांतिलाल के साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए हत्यारे और उसके आकाओं ने आठों विघानसभाओं से हाथछाप के बागियों को खडा करने की रणनीति बनाई है... इस बात की सुचना भियां इन्होने आलाकमान को भी दे दी है... और ये प्रस्तुत किया है इन बागियांे से इस बार कांतिलाल का साम्राज्य ध्वस्त हो जायेगा.... लेकिन भियां हत्यारा और उसके आकाओं का ये दाव कहीं उल्टा न पड जाये... हाथछाप की बजाय फुलछाप के बागी आठों विघानसभा में खडे न हो जाये...। हत्यारें से अच्छे से अच्छे नेता हमारे लोगसभा में है... अब तो प्रशासन भी तुम्हारा नही है... कि आशीष की तरह फर्जी वोट डलवा दें.... और भियां अभी भी महावीर की हत्या का विरोध थमा नही है.... उससे जुडे लोग अभी भी विरोध में लगा है.... महावीरसिंह राठौर की हत्या के विरोध की आग अब लोगसभा में लगेगी.... इस तरह तो भियां कांतिलाल का साम्रज्य ध्वस्त नी होगा...। 

            भियां अब जा रिया... पर जाते जाते एक बात और बिता दुं... नागर... माधव.... निर्मला.... कलंिसंह पर हत्यारें जो दाव खेला था... उससे उन्हे हार का सामना करना पडा.... ये बात इन चारों को मालुम भी है.... अब क्या ये चुप रेंगें... जिनके सरपट दौडते रथों को बागियों और ठेकेदारोें की मदद से इस हत्यारें ने रोका है... 
     . 
               अब जा रिया.... एक बार फिर सभी को राम राम... दुआ सलाम...  जय येसु.... सत् श्री अकाल..... और तमाम धर्मालंबियों को उनके धर्मानुसार कही-अनकही का नमस्कार...।

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