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    Monday, February 4, 2019

    हाथ में पानी लेकर कसम खाने वाले का सम्मेलन लग रिया था एटमबम निकल गिया फुस्सी बम....... चुनाव लडने का बना लिया इसने धंधा.... हाथ में पानी लेकर कसम नी खाता तो आज सत्ता का नेता रेता


             भियां... सभी को राम राम... दुआ सलाम...  जय येसु.... सत् श्री अकाल..... और तमाम धर्मालंबियों को उनके धर्मानुसार कही-अनकही का नमस्कार...
           
              भियां हाथ में पानी लेकर कसम खाने वाले को कौन नी जा रिया है... जो नी जान रिया उसे मैं बिता देता हुं.... भियां ये कसम खाने वाला वो व्यक्ति है जिसे 10 आज्ञा मानने वाले समाज ने अपना समझ कर भारी बहुमतों से विजय बनाया... भियां ये इस समाज के नाम से ही जाना जाता है... उपर से इस समाज से जुडे होने की वजह से ही टिकट मिलती है... पर भियां कुर्सी का सुख मिलते ही भियां ये समाज को ही भूल गिया... एक दिन तो भियां इन्होने हद कर दी.... बीच चैराहे पर शराब के नशे में सिर पर चप्पल मारे और हाथ में पानी लेकर कसम खाई में 10 आज्ञा मानने वाले समाज से नही हुं... मै माता का भक्त हुं....  भियां ऐसा नी था कि इस बात को कोई सुन नी रिया था... सब सुन रिये थे... बात समाज तक पहुंच गई। तभी तो भियां इस बार समाज से इसका नाम नही गया...।  तभी तो भियां बडे बडे नेताओं का प्रिय होने के बाद भी इस कसम खाने वाले को टिकट नी मिली। 

           तो बागी बन मैदान में उतरा.... अब इसे ये समझ में आ गिया था कि लोगों को उल्लु कैसे बनाउ और माल कैसे कमाउ.... चारों तरफ से लोगों को बेवकुफ बना कर माल बटोर लिया... और बन गिया किसान का बेटा।

            अब भियां माल कमाने की तकनीक को एक बार फिर हाथ में पानी लेकर कसम खाने वाला अपनाने जा रिया है... अपने आपको किसान का बेटा बताकर भोले भाले आदिवासियों को अपनी जालसाजी के चंगुल में फंसा कर माल कमाने की तैयारी भी भियां इसने कर ली है... जिसके लिए भियां लोकसभा क्षेत्र झाबुआ... अलीराजपुर... रतलाम के लिए कार्यक्रम भी आयोजित किया... लेकिन वो फेल हो गिया... भियां जिस दमखम से ये बोल रिया था... कि लाखों लोग इस कार्यक्रम में आयेंगे... लाखों लोग तो कई से कई तक नी दिखे रिये थे.... भियां भाषण देने वाले भी गरीब आदिवासियों के नाम पर रोटी सेक रिये थे... जो मुददा था उससे ही भटक गिये... कार्यक्रम के पेले तो ऐसा लग रिया था कि एटमबम फुटने वाला है... पर भियां ये तो फुस्सी बम निकला। भियां और कुछ नी कुछ माफिया और कुछ दल बदलु नेता इसके साथ है जो इसको ऐसा करने के लिए भीख दान कर रिये है। 

             भियां अब जा रिया... लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं...  अभी तो और भोत कुछ बिताना है... पर अभी समय नी है... पर हां एक बात और... इसके पिछे पाॅल सरपंच जैसे भी लोग है... जो धर्म के नाम पर काली कमाई कर रिये है और लोगों से चंदे के नाम पर रूपए ऐठते है और अपने कारनामें छुपाने के लिए ऐसे हाथ में पानी लेकर कसम खाने वालों को सहयोग करते है....  . 

             अब जा रिया.... एक बार फिर सभी को राम राम... दुआ सलाम...  जय येसु.... सत् श्री अकाल..... और तमाम धर्मालंबियों को उनके धर्मानुसार कही-अनकही का नमस्कार...।

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