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    Friday, February 1, 2019

    सीएचएमओ साहब के आशीर्वाद से झोलाछाप काट रहे चाँदी..... हॉस्पिटल के 100 मीटर के दायरे मै चल रहे फर्जी क्लिनिक



    कल्याणपुरा से ओमप्रकाश राठौर  की रिपोर्ट......... 
    अनमोल जिंदगी के लिए परेशानियों का सिससिला कम नहीं हो रहा। कभी लोगों में जागरुकता की कमी, कभी मौसम की मार फिर  इलाके में झोलाछाप डाक्टरों की बढ़ती सक्रियता लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करती जा रही है। जिले के कल्याणपुरा इलाके में जिस तरह से झोलाछाप डाक्टरों की मनमानी चल रही है और उसपर भी जिस तरह से स्वास्थ विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। वह लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं।कसबा में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें दिनों दिन बढ़ती जा रहीं हैं। इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। कस्बा में जगह-जगह बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं। इतना ही नहीं क्लीनिकों के नाम बड़े शहरों के क्लीनिकों की तर्ज पर रखते है, जिससे लोग आसानी से प्रभावित हो जाते है।  मरीज अच्छा डॉक्टर समझकर इलाज करवाते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का पता नहीं रहता है कि उनका इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है।


    फर्जी डॉक्टरों के लिए यह धंधा काफी लाभदायक है। मरीजों को लुभाने के लिए बड़े डॉक्टरों की तर्ज पर जांच करवाते हैं और जांच के आधार पर मरीज का इलाज करते हैं, जिससे मरीज को लगे कि डॉक्टर सही हैं एवं उनका इलाज सही तरीके से किया जा रहा है। गाँव की  लगभग हर गली में एक-दो फर्जी क्लीनिक चल रहे हैं। फर्जी डाक्टरों ने इस धंधे को और लाभदायक बनाने के लिये आधिकारियोकी साठ गाँठ है  मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर जिला मै प्राइवेट हॉस्पिटल मै भेज देते हैं, जहां से उन्हें कमीशन के तौर पर फायदा होता है। फर्जी डॉक्टरों का कस्बा में ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी धंधा फल-फूल रहा है। फर्जी डॉक्टर ग्राम स्तर पर शाखाएं जमाए हुए हैं और बड़े डॉक्टरों की तर्ज पर सप्ताह में चार दिन बिना संसाधनों के क्लीनिक चलाते हैं। फर्जी डॉक्टर वहीं दवा लिखते है जिनमें उन्हें कमीशन मिलता है। अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते है कि फर्जी डॉक्टरों के इलाज से मरीज की जान पर आफत आ जाती है और फर्जी डॉक्टर अपने बचाव के लिये झाबुआ प्राईवेट अस्पताल रेफर कर  देते है। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को इनकी भनक तक नहीं है कि क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों द्वारा कितने बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। यदि शीघ्र ही फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो इनकी संख्या बड़ी तादाद में बढ़ जाएगी और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता रहेगा। कल्याणपुरा मै कई मरीज इन झोलाछाप डॉक्टरों के हाथो अपनी जान गँवा चुके है पर इन झोलाछाप पर  अधिकारियों की मेहरबानी कहे या आशीर्वाद ये बेखौफ होकर अपने क्लिनिक चला रहे है  आखिर ऐसी क्या साठ गाँठ है झोलाछाप डॉक्टरों से जो अधिकारी इन झोलाछाप पर करवाई ही नही कर रहे स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे आम जनमानस को फर्जी डॉक्टर के चुंगल में फंसे से बचाया जा सके.
    जब इस सम्बन्ध में हमने सीएमएचओ से बात करनी चाही तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

    @Editor

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