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    Friday, February 15, 2019

    नरेश अपहरण की गुत्थी को पुलिस ने पाॅच ही दिनों में ही सुलझाया.... पिता से पैसे ऐठने के लिये स्वयं के अपरहण की साजिश में फंसा नरेश



    झाबुआ। नरेश पिता नटवर सोलंकी की कथित अपरहण की गुत्थी को पुलिस ने महज पाॅच दिनों में ही सुलझाने को लेकर पुलिस अधीक्षक विनित जैन ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर प्रेसवार्ता का आयोजन कर सभी तथ्यो से अवगत किया। प्रेसवार्ता के पूर्व पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए देश के 44 सीआरपीएफ के जवानो के शहीद होने पर दो मिनट का मौन रखकर समग्र मीडिया सहित पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजली अर्पित की। 
     प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने बताया कि 8 फरवरी को टीचर्स काॅलोनी 19 वर्षिय नरेश पिता नटवर सोंलंकी के गायब होने के बारे मे उसके पिता द्वारा थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई थी। 10 फरवरी को अपरहरणकर्ताओ का उन्हे फोन आया जिसमें उनसे 20 लाॅख रूपये फिरौती मांगी गई। पुलिस अधीक्षक के अनुसार इसके लिये नरेश के मोबाईल नंबर का उपयोग किया गया ओेर प्रकरण में धारा 365 ए, जोडी गई तथा पुलिस ने नरेश के मोबाईल नंबर की काॅल डिटेल प्राप्त की जिसमें जाहिर हुआ कि इससे चार बार बात हुई है। शहर के सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर भंडारी पेट्रोल पम्प के सामने नरेश को बाईक पर बात करते हुए जाते देखा गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नरेश नशे का आदी होकर एक लडकी से प्रेम प्रसंग के चलते उसने एक पल्सर मोटर साइकिल खरीदी। जिस मोबाईल से नरेश ने बात की वह सीम लक्की कहार के नाम से थी तथा अन्य नंबरो से उसकी बात हुई जो उसके नजदीकी दोस्त थे। पुलिस की तत्परता से पुछताछ में लक्की ने बताया कि उक्त सीम मोहम्मद रफी उर्फ भयु शाह पिता मुबारीक शाह कालिदास मार्ग झााबुआ को दी थी। पुलिस अधीक्षक ने घटना क्रम की जानकारी देते हुए बताया कि अपहर्ता नरेश के पिता की दुकान के पास में ही वह सब्जी की दुकान लगाता था। नरेश के उससे अच्छे संबंध होकर 11 एवं 12 तारिक को संघनता से पुछताछ करने पर नरेश का मोबाईल नंबर की लोकेशन जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर ग्राम धाबलिया में दिखाई दे रही थी। एसपी ने बताया कि पुलिस की बढती सक्रियता को देखते हुए नरेश 12 की रात्री को पारा रोड पर आईटीआई की बिंल्डिंग के सामने रामसिंह मोहनिया के किराना दुकान पर 9.30 बजे पहुचा। जिस पर से उसने कहा कि आईटीआई में उसके दोस्त है मेरी बात करा दो। रामसिंह द्वारा कहा कि वह सभी लडको को जानता है। नरेश ने नाम बताने की जगह यह कहा कि 3-4 दिन पहले जो लडका गायब हो गया था वह मै ही हू। इस पर रामसिंह ने डायल 100 पर फोन लगाकर इसकी सुचना दी। जिस पर पुलिस बल ने वहा जाकर उसकी बरामदगी की ओर उसके पिता से मिलवाया। लंबी पुछताछ करने पर नरेश ने यह बात स्वीकार की कि उसके पिता ने राणापुर के भुरीमाटी गांव में एक जमीन 10 लाॅख रूपये में बैची है जिसके बदले मंे उनको 5 लाॅख नगद मिले है तथा 5 लाॅख रूपये लेना शेष है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उसने मोहम्मद रफिक से चर्चा की कि वह अपनी गर्लफ्रेन्ड से शादी करना चाहता है इसके लिये उसे पैसो की जरूरत है। कुछ ऐसी योजना बनाओ कि मेरे पिता के पैसे मेरे पास आ जाये ओर जो भी पैसे मिलेगे उसका रफिक का भी शेयर रहेगा। नरेश को रफिक ने अश्विन उर्फ परवल पिता जुवानसिंह मेडा ग्राम बागनेरा थाना कालीदेवी को मिलवाया ओर एक मोबाईल व एक सीम भी दी। अश्विन ने साकिर पिता बाबुखाॅ निवासी विवेकांनंद काॅलोनी झाबुआ की मदद से इस अपरहरण की घटना को अंजाम दिया था। नरेश अपने पिता की एकलौती संतान होने के कारण दबाव बनाने में पिता द्वारा उसकी सारी बाते मानी जाती है। जिससे की अपहरण की घटना की सुचना पुलिस को नही देंगे तथा तत्काल पैसे अपहरणकर्ताओ को दे देंगे। लेकिन ऐसा नही हो पाया ओर अपहरणकर्ताओ ने नरेश को छोड दिया। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि नरेश पिता नटवर सोलंकी ने शादी के खर्चे के लिये पिता नटवरलाल से 20 लाॅख रूपये लेने के उद्देश्य से 8 फरवरी के दो माह पूर्व इसके साथी व साथ में सब्जी का ठेला लगाने वाले भयु उर्फ रफिक शाह से बातचीत करके स्वयं के अपहरण की साजिश रचने की बात की। इस पर भयु शाह ने नरेश की बात अपने दोस्त परवल मेडा निवासी वागनेरा से करवाई। नरेश ने परवल से मिलकर स्वयं के अपरहण की साजिश अपने पिता से रूपये ऐठने के लिये रची थी। परवल ने इसके साथी विशाल परमार निवासी पाडलवा, अंतर डामोर निवासी गोला छोटी के साथ मिलकर नरेश के अपहरण की साजिश रची। इस पर से 8 फरवरी को भयु शाह ने परवल के साथ अंतर को धरमपुरी रोड झाबुआ पर ही ईट भट्टे के पास अपरहण करने को कहा ओर नरेश को मोबाईल से धरमपुरी ईट भट्टे के पास जाने को कहा। 8 फरवरी को रात्री में 9.40 बजे स्वयं के वाहन पल्सर से वहा पहुचा ओर पूर्व से वहा खडे परवल, अंतर, विशाल तीनों नरेश को मय उसकी मोटरसाईकिल के ग्राम धावलिया में लेकर परवल के रिश्तेदार अमनु पिता मंगा डामोर के घर ले गये। भयु ने अपहत नरेश मोबाईल की सीम साकिर बाबु खाॅ निवासी जिला जेल के पिछे को दे दी वह साकिर ने नरेश की सीम को स्वयं के मोबाईल में डालकर नरेश को छोडने के बदले उसके पिता से 20 लाॅख रूपये की मांग करता रहा। इसी दौरान विवेचना जारी रही ओर 12 फरवरी की रात 9.30 बजे पारा फाटे पर नरेश के मिलने की सुचना मिली। पुछताछ के दौरान परवल को गिरफ्तार किया गया व अंतर पिता मानसिंह गोलाछोटी के घर से नरेश की पल्सर गाडी को भी जब्त की गई। अंतर ओर विशाल नही मिलने से उनकी गिरफ्तारी नही हो पायी। साकिर पिता बाबंु खाॅ को गिरफ्तार कर उससे पुछताछ कर नरेश के मोबाईल की सीम एवं उसके द्वारा स्वयं के मोबाईल में डालकर धमकी दी गयी थी उस मोबाईल को टुकडो की हालत में एवं नरेश की सीम एवं साकिर की स्वयं की सीम जब्त की गई। भयु शाह को गिरफ्तार कर उससे नरेश का मोबाईल जब्त किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रकरण में धारा 364 ए, 120 बी, 193, 387 भादवि में कार्यवाही कर विवेचना जारी है। प्रकरण में दो आरोपी विशाल एवं अंतर सिंह की गिरफ्तारी शेष है जिनकी तलाश की जा रही है।

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